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दुष्कर्म के आरोपी डॉक्टर को हाईकोर्ट से राहत

हाई कोर्ट ने पीड़ित के विशाखा कमेटी के समक्ष दिए बयान व पुलिस रिपोर्ट में अंतर होने पर दुष्कर्म के आरोपित डॉक्टर को अग्रिम जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। राज्य मानसिक रोग अस्पताल में सोशल वर्कर का काम करने वाली पीड़ित ने अस्पताल के चिकित्सक डॉ.बीके बनर्जी के खिलाफ 18 जुलाई 2019 को दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि डॉक्टर उसे 2015 से लगातार छेड़छाड़ करता था। 29 मई 2019 को घर आया व उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ जुर्म दर्ज किया है। गिरफ्तारी से बचने डॉक्टर ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन पेश किया। इसमें कहा गया कि आवेदक को झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। पीड़िता ने जून 2019 को अस्पताल की विशाखा कमेटी में शिकायत की थी।
कमेटी में पूछताछ के दौरान उसने अपने बयान में कहा कि आरोपित डॉक्टर 29 मई 2019 को घर आया था तथा छेड़छाड़ करने लगा। उसके चिल्लाने पर वह भाग गया। इसके बाद वह विशाखा कमेटी के समक्ष नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं हुई। साथ ही थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें दुष्कर्म का आरोप लगाया है। दोनों ही बयान में अंतर होने से मामला सिर्फ छेड़छाड़ का ही बनता है। जस्टिस अरविंद सिंह चंदेल ने सुनवाई के बाद याचिकाकर्ता को शर्त के साथ अग्रिम जमानत प्रदान किया है।