तीन सूत्रीय मांगों को लेकर भूविस्थापित संघ ने किया कलेक्टर दफ्तर का घेराव. सामने आई एनटीपीसी प्रबंधन की लापरवाही

बिलासपुर ।सीपत एनटीपीसी में कार्यरत ठेका मजदूरों को कलेक्टर दर से मजदूरी भुगतान किये जाने की मांग मजदूरों ने कलेक्टर बिलासपुर से की है। मजदूरों नें कलेक्टर बिलासपुर के नाम पर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट आये मजदूरों नें कहा कि तीन सूत्रीय मांगों पर NTPC प्रबंधन विचार नही कर रहा है,जिसकी वजह से मजदूरों को कम मजदूरी पर गुजारा कर जीवकोपार्जन करने संघर्ष करना पड़ता है। सीपत एनटीपीसी में काम करने वाले मजदूरों का मजदूरी भुगतान विवाद और समस्या हल होने का नाम नही ले रहा है,आये दिन विवाद हो रहा है और दिनों दिन समस्या विकराल होती जा रही है। एनटीपीसी में काम करने वाले ठेका मज़दूरो ने एक बार फिर से एनटीपीसी भू विस्थापित मजदूर संघ के अध्यक्ष मुकेश सिंह के माध्यम से सिटी मजिस्ट्रेट को आवेदन दिया है,इस आवेदन में मजदूरों ने लिखा है कि एनटीपीसी ने काम करने वाले मजदूर मेंटेनेंस में ठेका कंर्मी मजदूरों का कलेक्टर दर में भुगतान नही किया का रहा है,जबकि इस समस्या के शीघ्र निराकरण हेतू कई बार आवेदन दिया गया था,इसके बाद भी NTPC प्रबंधन सुनवाई नही कर रही है,यहां तक कलेक्टर के साथ बैठक भी हुई और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा भी की गई,लेकिन जिला प्रशासन और एनटीपीसी प्रबंधन की तरफ से समस्याओ का हल नही निकला,बल्कि समस्याये और ज्यादा बढ़ती गयी है। मजदूरों नें इसे अन्याय बतलाते हुए अब और अन्याय बर्दाश्त नही किये जाने की बात कही। कलेक्टर के नाम सौंपे आवेदन पत्र में मजदूरों नें 3 महत्वपूर्ण बिंदुओं में जिक्र किया है उसमें मुख्य रूप से भू विस्थापित परिवार के 55 लड़को को आईटीआई भेजा जाना था लेकिन नही भेजा गया और किसानों को पेंशन नही दिया गया जबकि पेंशन दिया जाना था,वही इन लोगो ने पूर्व अध्यक्ष के खिलाफ भी शिकायत की,कहा कि लेजर,कैशबुक,सील मोहर बैंक खाता और लेटर हेड को जब्त कर कहीं ले गयी है,जिसकी शिकायत की गई है लेकिन जब अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है। ,मजदूरों ने बताया कि मजदूरों को लगातार कई सालों से संघर्ष करना पड़ रहा है। इधर मजदूरों ने जिला प्रशासन और NTPC प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मज़दूरो की समस्या पर शीघ्र ही सुनवाई नहीं होती है इसका खामियाजा हम गरीब मजदूर के परिवार को भुगतना पड़ेगा। मजदूरों नें कहा कि यह लड़ाई हक की लड़ाई है,यही वजह है कि सरकारी दर और मुआवजा की मांग की गई है,लेकिन प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही की वजह से मजदूरों की न तो नौकरी लग रही है और न ही पेंशन लाभ दिया जा रहा है। बहरहाल मजदूरों ने सिटी मजिस्ट्रेट से यह कहा है की इस बार भी अगर मजदूरों के साथ अन्याय हुआ तो लंबी लड़ाई लड़ते हुए मोर्चा खोला जाएगा।
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