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PM गरीब कल्याण योजना में कैसे कर सकते है काम ,कौन करेगा मदद जानने के लिए क्लिक करें I

नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को प्रवासी श्रमिकों को इनकम के लिए 50,000 करोड़ रुपये के गरीब कल्याण रोजगार अभियान (Garib kalyan rojgar abhiyan) की शुरुआत की. कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से लागू लॉकडाउन के बीच बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक अपने गांवों को लौटे हैं, जहां उनके पास काम की समस्या खड़ी हुई है. यह योजना मुख्य रूप से उन 6 राज्यों पर केंद्रित है, जहां सबसे अधिक प्रवासी श्रमिक अपने घरों को लौटे हैं.


इस योजना से जुड़ने के लिए प्रवासी श्रमिक को सबसे पहले आप गांव के मुखिया से मिलना होगा. वह नाम ब्लॉक आफिस में भेजेंगे, साथ ही बतायेंगे कि इस मजदूर के पास इस काम की विशेषज्ञता है. जो व्यक्ति किसी शहर से पलायन कर पैदल या दूसरे साधन से अपने गांव पहुंचे हैं, उनकी सूची भी जिले के DM ने तैयार कर ली है. काम पाने के इच्छुक व्यक्ति अपने ब्लॉक या तहसील के अधिकारियों और कर्मचारियों से संपर्क में रहें.


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के मुताबिक इस बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना से घर लौटे श्रमिकों को सशक्त किया जा सकेगा और उन्हें 125 दिन का रोजगार मिलेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया था-मैं बिहार सरकार के साथ 20 जून को इस अभियान का शुभारंभ कर रहा हूं. इसके तहत मिशन के रूप में छह राज्यों में 50,000 करोड़ रुपये का कार्य किया जायेगा. यह अभियान बिहार के खगड़िया जिले के बेलदौर प्रखंड के तेलिहर गांव से शुरू हुआ. 


इस अभियान में बिहार (Bihar), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), राजस्थान (Rajasthan), झारखंड (Jharkhand) और ओड़िशा (Odisha) के 116 जिलों में हरेक से 25,000 श्रमिकों को इस अभियान के लिए चुना गया है. इनमें 27 पिछड़े जिले भी शामिल हैं. इन जिलों के तहत करीब 66 प्रतिशत प्रवासी श्रमिक इसमें शामिल होंगे. 


अभियान 125 दिनों का है जिसमें प्रवासी मजदूरों को रोजगार मुहैया कराने के लिए 25 नए तरह के काम के लिए लिया जाएगा. इसके लिए 50,000 करोड़ रुपये के संसाधन लगाए जाएंगे.