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मस्तूरी मुख्यालय के छेत्र में ऐसा गांव जिसे विकास और शिक्षा से नहीं बल्कि शराब के नाम से जाना जाता हैl



0 मस्तूरी मुख्यालय के पचपेड़ी थाना क्षेत्र का है मामला पचपेड़ी पुलिस पर उठ रहे हैं कई सवाल।


0 पचपेड़ी थाना में कई थाना प्रभारी आए और चले गए लेकिन थाना प्रभारियों के लिए यह गांव चुनौतीपूर्ण रहता है।


मस्तूरी मुख्यालय के 25 किलोमीटर दूर पचपेड़ी परीक्षेत्र में आने वाला ग्राम पंचायत सुलौनी जिसकी आश्रित ग्राम बेल्हा है, जिसे लोग ना तो यहां की शिक्षा व्यवस्था से जानते हैं और नहीं पंचायत के विकास कार्यों से जानते हैं और नहीं इस पंचायत में कोई विशेष जगह या वस्तु  है जिसके नाम से जाने जाते , लेकिन विगत कई वर्षों से इस ग्राम पंचायत सुलौनी के आश्रित ग्राम बेल्हा को लोग कच्ची शराब के नाम से क्षेत्र में मशहूर है।
इस ग्राम पंचायत में अवैध रूप से विगत कई वर्षों से कच्ची मउहा का शराब बेचा जाता है, शासन के नियम वाले चाहे वह 2 अक्टूबर हो या फिर 26 जनवरी 15 अगस्त का दिन हो यहां शासन के हिसाब से बंद करने का दिन कभी कोई मायने नहीं रहता 12 महीने 24 घंटे खुले आम धड़ल्ले से शराब बेची जाती है।

सोचने वाली बात

पचपेड़ी में पुलिस थाना मौजूद है। थाने से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है यह ग्राम। कई वर्षों से थाने में कई थानेदार आए और गए लेकिन कोई भी इस पर कड़ी कदम उठाकर उचित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बिक रहे महुआ शराब को बंद कराने की कोशिश नहीं की। जितने भी थानेदार आए सब ने अपने कमीशन खोरी पर ही फोकस डाले।

अपराध दर्ज करने के मामले में सिर्फ मोटी रकम वसूल कर छोड़ दिया जाता है जिससे अवैध शराब बेच रहे लोगों का मनोबल और बढ़ता गया। इसी वजह से वहां 80% घर वाले महुआ की कच्ची शराब बेचते हैं। इतनी बड़ी तादाद में शराब बेचे जाने के कारण कहीं ना कहीं पचपेड़ी थाना का अहम भूमिका रहती है।

गांव के युवा पीढ़ी कई वर्षों से अंधकारों में 

स्वाभाविक बात है जिस गांव में विगत कई वर्षों से शराब बिक रही हो उस गांव के युवा पीढ़ी तो अंधकार में होगा ही ग्राम बेल्हा के 14 साल की बच्चे से लेकर 70 साल की बुजुर्ग तक शराब पीते हैं शराब के कारण वहां के महिला पुरुष करके 75 परसेंट लोग शराब के आदी हैं, ऐसे में नया जनरेशन के युवा लड़के भी इसके चपेट में आ रहे हैं लिहाजा गांव का विकास और गांव की शिक्षा स्तर इतनी निचे जा चुकी है की लोगों को जागरूक कर शिक्षा के एवं विकास के उच्च स्तर पर लाना आसान नहीं है।

ग्राम पंचायत में ऐसे एक दो युवा संगठन है जो लोगों को जागरूक करने एवं पूर्ण शराबबंदी करने की कोशिश में लगे हैं लेकिन पचपेड़ी पुलिस प्रशासन की सही मदद व उचित करवाई नहीं होने की वजह से उनका भी मनोबल आए दिन कमजोर हो जाते हैं जिसकी वजह से उनको अपने किए जा रहे कार्यों को सफलता नहीं मिल रही है।


पचपेड़ी थाना अंतर्गत इन ग्राम पंचायतों में अधिक होती है अवैध शराब बिक्री...
बेल्हा,भटचौरा,सोन सोनसरी,भरारी,जोंधरा, सुकुलकारी, मनवा, पताईडी, लोहारसी साबरिया डेरा, सहित ग्राम पंचायतों में होती है अवैध शराब बिक्री।


वही इस संबंध में जवाबदार अधिकारियों का कहना है.....

बिलासपुर पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल का कहना है कि अवैध शराब बिक्री करने वालों के ऊपर कढ़ाई के साथ करवाही किया जाएगा इसके संबंध में क्षेत्रीय थाना प्रभारियों  को आदेशित किया जाएगा।


वही मस्तूरी क्षेत्र के आबकारी विभाग के अधिकारी आनंद वर्मा का कहना है कि आबकारी विभाग के द्वारा पचपेड़ी परी क्षेत्र में   अवैध शराब बिक रहे ग्राम पंचायतों में जाकर उचित करवाई करने की बात कही है।