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chhattisgarh - झारखंड और छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली बड़ा विकास उर्फ बालकेश्वर उरांव जेल से रिहा

झारखंड और छत्तीसगढ़ का कुख्यात नक्सली बड़ा विकास उर्फ बालकेश्वर उरांव को जेल से रिहा कर दिया गया है. 14 जुलाई 2016 को तत्कालीन डीजीपी डीके पांडे के सामने उसने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया था. बालकेश्वर पर झारखंड पुलिस ने 25 लाख का इनाम रखा था.

1994 में नक्सली संगठन से जुड़ा था  विकास
जिला के मनिका प्रखंड का रहने वाला बड़ा विकास बचपन से ही 1994 में नक्सली संगठन से जुड़ा था. धीरे-धीरे उसे संगठन ने केंद्रीय कमेटी मेंबर का सदस्य बना दिया. बताया जाता है कि अब तक के इतिहास में सबसे कम उम्र का केंद्रीय कमेटी के मेंबर बड़ा विकास रहा है. उस पर झारखंड पुलिस ने 25 लाख रुपये का इनाम रखा था. बाद में उसके आतंक को देखते हुए इनाम की राशि दोगुनी 50 लाख करने की अनुशंसा की गई थी, लेकिन बालकेश्वर ने गिरफ्तारी से पहले मुख्यधारा से जुड़ने का मन बनाया और तत्कालीन डीजीपी डीके पांडे के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.

14 जुलाई 2016 को तत्कालीन डीजीपी डीके पांडे के समक्ष आत्मसमर्पण किया था
हजारीबाग ओपन जेल से मंगलवार को बेल पर बाहर निकल गया. जेल से निकलने के बाद वह अपने परिवार के साथ घर गया. 14 जुलाई 2016 को तत्कालीन डीजीपी डी के पांडे के सामने उसने हथियार के साथ आत्मसमर्पण किया था. बालकेश्वर के खिलाफ झारखंड और छत्तीसगढ़ में 78 मामले विभिन्न थाने में दर्ज हैं. 78 में से 60 मामले में वह रिहा हुआ है, बाकी 18 केस में विविध कोर्ट से उसे जमानत मिल गई है.