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समयमान वेतनमान है नियम में, जानबूझकर अधिकारी कर रहे हैं गुमराह….. सहायक शिक्षक संगठनों ने सौंपा ज्ञापन


WEE NEWS बिलासपुर/मस्तूरी। सहायक शिक्षकों को 10 वर्ष में प्रथम समयमान वेतनमान तथा 20 वर्ष की सेवा अवधि में द्वितीय समयमान वेतनमान दिए जाने की मांग को लेकर टीचर्स राइट्स लीगल सेल के प्रदेश संयोजक शिव सारथी, छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ बिलासपुर जिलाध्यक्ष अरुण जायसवाल व मस्तूरी ब्लाक अध्यक्ष सुरेंद्र डहरिया के अगुवाई में मस्तूरी विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री अश्वनी कुमार भारद्वाज को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से मांग किया गया कि लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के पत्र दिनांक 23/06/2012 के आदेशानुसार प्रदेश में कार्यरत एलबी संवर्ग के शिक्षकों को समयमान वेतनमान के आधार पर वेतन भुगतान किए जाने का आदेश प्रसारित हुआ है जिसके परिप्रेक्ष्य में दुर्ग व नारायणपुर जिला शिक्षा अधिकारियों ने बकायदा अपने जिले के एलबी संवर्ग शिक्षकों को समयमान वेतनमान दिए जाने सम्बन्धी आदेश जारी कर कार्यवाही भी प्रारंभ कर दिया पर 14 जुलाई 2021 को पुनः लोक शिक्षण संचालनालय ने, अपने ही आदेश को संशोधित कर नियम में प्रावधान अंतर्गत समयमान वेतनमान दिए जाने सम्बन्धी पत्र जारी कर एलबी संवर्ग के शिक्षकों के आर्थिक लाभ पर पानी फेर दिया। इसी सम्बन्ध में आज मस्तूरी ब्लाक के विभिन्न शिक्षक संगठनों ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समयमान वेतनमान दिए जाने का मांग दुहराया।
वित्त विभाग से है आदेशित-

इस सम्बन्ध में सेल के प्रदेश संयोजक शिव सारथी और छग प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के ब्लाक सचिव बसंत जायसवाल ने 10 अगस्त 2009 के वित्त विभाग के आदेश क्रमांक/233/वित्त/नियम/चार/09/रायपुर दिनांक 10 अगस्त 2009 का हवाला देते हुए विकास खंड शिक्षा अधिकारी से अवगत कराया कि इस नियम के अनुसार, यदि निम्न वेतनमान के सीधी भर्ती के पद पर संविलियन होता है तो उक्त पद पर समयमान वेतनमान की गणना हेतु पूर्व पद की सेवा अवधि ऐसा मानते हुए शामिल किया जाएगा जैसे कि संविलियन के पूर्व के पद पर उसकी नियुक्ति संविलियन के उपरांत धारित पद के वेतनमान पर हुई थी। यह नियम राज्य के समस्त विभाग के कर्मचारियों के लिए लागू होता है इसलिए शिक्षक एलबी संवर्ग को भी इस नियम के तहत समयमान वेतनमान/उच्चतर वेतनमान का लाभ दिया जाना चाहिए। इस पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संघ को आशवस्त किया है कि इस सम्बन्ध में शीघ्र ही उच्च कार्यालय से मार्गदर्शन मांगकर निर्णय लिया जाएगा।

उच्च अधिकारियों से हुई है त्रुटि-

इस सम्बन्ध में संयुक्त शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण जायसवाल ने मीडिया को बताया कि यह सब उच्च अधिकारियों के नियम विरूद्ध कार्य का परिणाम है जिसके कारण प्रदेश के पौने दो लाख शिक्षकों को एक ही पद पर कार्य करने और एक ही वेतनमान पर 20 वर्षो से शोषित होने का दंश झेल रहे हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा ही आदेश पूर्व में शिक्षा सचिव श्री गौरव द्विवेदी द्वारा भी जारी किया गया था बाद में संशोधित कर, हमारे अधिकार को रोक दिया गया। आज भी उच्च अधिकारियों का यही खेल जारी है जिसके खिलाफ प्रदेश के समस्त शिक्षक एलबी संवर्ग शिक्षक आक्रोशित है व कभी भी अपने अधिकार को लेकर आंदोलन शुरू कर सकते है।
आज के इस ज्ञापन कार्यक्रम में मुख्यरूप से लीगल सेल के प्रदेश संयोजक शिव सारथी, प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरुण जायसवाल, ब्लाक अध्यक्ष सुरेंद्र डहरिया, सचिव बसंत जायसवाल, सतीश महिलांगे, प्रेम लाल राय, धनश्याम जायसवाल, राम सागर कश्यप, धंजू साहू, विवेक सिंह, प्रणय वर्मा, प्रकाश रजक, साकेत अवस्थी, लीलाधर पाठक, अनिल जांगड़े, शिव कैवर्त, किशोर शर्मा, धरम श्रीवास, कृष्ण कुमार साहू, शैलेन्द्र शर्मा, श्याम रतन जगत आदि उपस्थित थे।