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पुलिस का सोशल मीडिया में आबकारी एक्ट के तहत सर्वाधिक कार्यवाही करने का दावा...सिर्फ हवा हवाई में कर रहे बात...अपने आप की गरिमा को नहीं रोक पाए थाना प्रभारी कह दिए मीडिया को सोया हुआ... पत्रकार जगत इसका पुरजोर विरोध करती है


WEE NEWS  बिलासपुर। मस्तूरी जनपद क्षेत्र अंतर्गत थाना पचपेड़ी में इन दिनों अवैध शराब को लेकर खूब सुर्खियां बटोरी जा रही है। पचपेड़ी थाना में कुछ दिन पहले  ही सैकड़ों महिलाओं एवं पुरुषों ने किया था शराब बंदी के नाम थाना का घेराव उसके बाद भी क्षेत्र में लगभग दर्जनों ग्राम पंचायत में अभी भी खूब धड़ल्ले से चल रही अवैध शराब की बिक्री अपने उच्च अधिकारियों को धोखे में रखकर लूट रहे है थाना प्रभारी वाहवाही बावजूद  जिस गांव में शराब की खूब बिक्री होती है उस गांव में पचपेड़ी पुलिस अपनी कदम ही नहीं रखती और जहां लोगबाग सुख चैन से जीवन जी रहे हैंउस ग्राम पंचायतों में नशा मुक्ति अभियान जैसे हवा हवाई बातों का हवाला दे रहे हैं और खूब सोशल मीडिया पर वाहवाही लूट रहे हैं जबकि इस संबंध में क्षेत्रीय  जनप्रतिनिधियों से चर्चा की गई  तब सवाल पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पचपेड़ी पुलिस के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी ग्राम पंचायत में ना तो नशा मुक्ति अभियान की मुहिम छेड़ी गई है और ना ही किसी को अवैध शराब बिक्री के लिए रोक टोक तक नही किया गया है। पचपेड़ी पुलिस के इस हवा हवाई बातों को लेकर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश भी दिखाई दे रहा हैं। यदि थाना प्रभारी के द्वारा अवैध शराब बेचने वालों के ऊपर कार्यवाही नही की गई  तो बिलासपुर पुलिस अधीक्षक से थाना प्रभारी का शिकायत करने की बात कह रहे हैं वही पचपेड़ी थाना अपने स्टाफ एवं अपने आप को पाक साबित करने के लिए पचपेड़ी पुलिस बेवजह सोशल मीडिया के माध्यम से फर्जी तरीके से झूठी मुट्ठी अफवाहें फैला रही है। जबकि शराब के नशे में चूर सुकुलकारी, बेल्हा, सोन, सोनसरी, भटचौरा,लोहर्सि,सोडाडीह, अमाकोनी, भिलौनी, अमलडीहा, भरारी,केवतरा, पचपेड़ी, जोधरा जैसे गांव में अभी भी बेधड़क शराब की बिक्री जोरों पर चल रही है। पर इन सभी ग्राम पंचायतों में पचपेड़ी पुलिस सिर्फ अपनी औपचारिकता निभाने जाती है ना की किसी पर आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर करती नजर आ रही है, सोशल मीडिया पर खूब वाहवाही लूटने के संबंध पर पचपेड़ी पुलिस विभाग को पूछा गया कि नशा मुक्ति अभियान जैसे कार्यक्रम चलाए जाने की कोई फोटो या वीडियो उपलब्ध कराने की बात कही गई तो अपनी दोनों हाथ खड़ा करते नजर आए, ऐसे वाहवाही लूटने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ क्षेत्र में खूब आक्रोश दिखाई दे रही है।जिले में सर्वाधिक आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही करने का दावा करने वाली पचपेड़ी पुलिस विभाग यह भी तो देखें कि जिले में सर्वाधिक सबसे ज्यादा अवैध शराब बिक्री इन्हीं के क्षेत्र में हो रही है। इन सभी सवालों से आखिरकार पचपेड़ी पुलिस क्यों चुप्पी साधी हुई बैठी है। इस अवैध बिक्री पर उस क्षेत्र के ग्रामीणों ने शराब बंदी को लेकर ज्ञापन की खबर प्रकाशित सभी इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं प्रिंट, वेब मीडिया द्वारा की गई थी। वही खबर लगने के बाद थाना प्रभारी तिलमिला उठ गए, और अपने आप की गरिमा को नहीं रोक पाए  मीडिया को सोया हुआ बोल दिए ये अशोभनीय है पत्रकार जगत के लिए जबकि मीडिया का कार्य के ऊपर अस्तछेप करना कितना सही है ये समझ से परे है ऐसे में आम नागरिकों से कैसा व्यवहार करते होगें ये सोचने वाली बात हैं  प्रवीण सिंह राजपूत  जबकि खुद प्रभारी शाम होते ही थाना को अपने स्टाफ के हवाले करके सुबह आते है ऐसे में कैसे संभाल पाएंगे राजपूत थाना  पचपेड़ी को ये सोचने वाली बात हैं।