सिर्फ दशहरे पर एक दिन खुलने वाले 150 साल पुराने मंदिर के पट पर लगी लोगों की भीड़


WEE NEWS बिलासपुर।  बिलासपुर के मुख्य रोड पर स्थित दशहरे पर एक दिन खुलने वाले 150 साल पुराने मंदिर के पट पर लोगो की भारी भीड़ देखने को मिली 

आपको बताते चले तो बिलासपुर में 150 वर्ष पुराना एक ऐसा मंदिर भी है, जो केवल दशहरा के दिन ही खुलता है। वो भी मात्र 3 घंटे के लिए। पूजा-अर्चना के बाद फिर मंदिर एक साल के लिए बंद हो जाता है। हटरी चौक स्थिति मंदिर श्रीरामसीता हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मंदिर में भगवान राम, सीता और हनुमान जी की प्रतिमा है। इनके दर्शन के लिए पूरे साल भक्तों को इंतजार रहता है। मुंबई, दिल्ली, हरियाणा, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश से भक्त आते हैं। दशहरे के दिन मंदिर खुलने के दो से तीन घंटे पहले ही कम से कम दो  किमी से ज्यादा लंबी लाइन लग जाती है।
मंदिर खुलने की जानकारी के लिए अन्य राज्यों से आता है फ़ोन 

सुश्री पाण्डेय ने बताया कि दशहरे पर मंदिर खुलेगा कि नहीं इसके लिए मुंबई, दिल्ली, सतना, उत्तरप्रदेश सहित अन्य जगहों से फोन आ रहे हैं। 

आखिर दशहरे के दिन ही क्यों खुलता है मंदिर

सुश्री पाण्डेय के मुताबिक उनके पूर्वज फैजाबाद के रहने वाले थे। उनके पूर्वजों ने 150 साल पहले मंदिर की स्थापना की थी। क्विंदति के अनुसार एक नीम का पेड़ था, जो सुखकर अपने आप ही गिर गया। पेड़ के गिरते ही उसकी जड़ों से श्रीराम, माता जानकी और भाई लक्ष्मण की प्रतिमा निकली थी। जहां विधि-विधान से मंदिर की स्थापना की गई। उन्होंने बताया कि मंदिर खुलने और प्रभु की प्रतिमाओं को स्पर्श करने से कई अप्रिय घटनाएं हुईं। इसी वजह से इसे बंद रखा जाता है। दशहरे के दिन भगवान खुश रहते हैं, इसके कारण सभी की गलतियों को माफ करते हैं। इसलिए साल में एक बार दशहरे के दिन शाम 6 से 9 बजे तक मंदिर का पट खुलता है। विधि-विधान से पूजा-अर्चना होती है। भक्त मन्नत मांग कर नारियल बांधते हैं। और पूरी होने पर आकर फोड़ते हैं।
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