political agitation - टीएस बाबा दिल्ली में जमें ,क्या इस बार सीएम बन कर लौटेंगे !

रायपुर। प्रदेश  में एक बार फिर ढाई-ढाई साल के नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक बार फिर राजनीतिक पारा बढ़ गया है । स्वास्थ्य मंत्री TS सिंदेव के दिल्ली दौरे का असर छत्तीसगढ़ की सियासी हलचल तेज हो गई है। TS सिंहदेव तीन दिन पहले दिल्ली दौरे पर थे. लेकिन, अंबिकापुर में नवजात बच्चों की मौत की खबर सुनते ही एकाएक वापस लौट आए थे, लेकिन 24 घंटे के भीतर फिर से दिल्ली पहुंच गए. सत्ता पक्ष में चल रही इस हलचल पर पूर्व मंत्री और उपनेता प्रतिपक्ष  डॉ कृष्णमूर्ति बाँधी ने तंज कसते हुए कहा है कि ये बड़े बहुमत की अस्थिर सरकार है.


फैसले का इंतजार

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार बनते ही ढाई-ढाई साल के फॉर्मूले की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी और ढाई साल बीत जाने के बाद भी चर्चाओं का बाजार गर्म है. इस बीच जहां CM भूपेश बघेल का खेमा खुद को मजबूत मान रहा है। वहीं TS सिंहदेव गुट बार-बार इसी बात को दोहरा रहा है कि होगा वही जो हाईकमान तय करेगा.इधर टीएस खेमा ये मान के चल रहा है कि अक्टूबर -नवम्बर का महीना निर्णायक होगा

CM भूपेश बघेल भी गए थे दिल्ली

हाल ही में CM भूपेश बघेल को कांग्रेस हाई कमान का बुलावा आया था. चर्चा थी कि कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ में कथित ढाई-ढाई साल के CM फॉर्मूले पर बात हो सकती है. इसके साथ छत्तीसगढ़ सरकार का रिपोर्ट कार्ड भी CM भूपेश बघेल ने पार्टी हाईकमान के सामने पेश किया. बीते कुछ समय से छत्तीसगढ़ कांग्रेस में सियासी खींचतान खुलकर सामने आई है. MLA बृहस्पत सिंह अपनी पार्टी की सरकार में मंत्री TS सिंहदेव  पर हत्या की साजिश का आरोप लगा चुके हैं. इसके बाद कथित ढाई -ढाई साल के सीएम फॉर्मूले को लेकर दिल्ली में MLA  की परेड कराई गई थी. इसके बाद राज्य में MLA  के एक गुट ने शिक्षा मंत्री प्रेम साय सिंह टेकाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा दिए थे।

टीएस समर्थक सोशल मीडिया पर कर रहे प्रचार

सिम्स विवाद के बाद कांग्रेस नेता पर हुई f.i.r. और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से की गई लापरवाही के फल स्वरुप सिम्स का  पूरा प्रशासनिक ढांचा एकाएक बदल दिया गया जिसके बाद टीए समर्थकों ने राहत की सांस ली है अब टीएस बाबा के समर्थक सोशल मीडिया पर काफी तेजी से इस बात का प्रचार कर रहे हैं कि जल्द ही समय बदलने वाला है

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