Weenews - अनियमितता के आरोप में निलंबित सचिव की गांव के बाहर पेड़ पर लटकती मिली लाश

बिलासपुर। मरवाही क्षेत्र के दर्रीटोला पंडरी निवासी पंचायत सचिव ने गांव के बाहर पेड़ में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पंचायत सचिव वित्तीय अनियमितता के आरोप में निलंबित थे। वे रविवार की दोपहर अपने घर से निकले थे। सोमवार की सुबह उनकी लाश मिली है। इसकी सूचना पर पुलिस शव कब्जे में लेकर मामले की जांच कर रही है।

मरवाही क्षेत्र के दर्रीटोला पंडरी निवासी गुलाब सिंह तिलगाम मालाडांड और डंडिया ग्राम पंचायत के सचिव थे। बीते दिनों उनके ऊपर 14वें और 15वें वित्त की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगा था। इसके बाद वे तीन महीने से निलंबित चल रहे थे। रविवार की दोपहर वे अपने घर से निकले। इसके बाद वे वापस नहीं लौटे।

इस पर स्वजन उनकी तलाश कर रहे थे। सोमवार की सुबह ग्रामीणों ने गांव के जंगल में उनका शव फांसी के फंदे पर लटकते देखा। इसकी सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव कब्जे में ले लिया। मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। स्वजन से पूछताछ में पता चला कि निलंबन की कार्रवाई के बाद से परेशान चल रहे थे।


सात लाख की अनियमितता का आरोप

पंचायत सचिव गुलाब सिंह पर अलग-अलग काम के लिए सात लाख स्र्पये निकलवाने का आरोप था। इसकी जांच जिला पंचायत के अधिकारियों ने की थी। इसके बाद उन्हें जून में निलंबित कर दिया। इसके साथ ही मरवाही जनपद पंचायत के छह अन्य सचिव के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई थी।

अमित जोगी ने दिया धरना

घटना की जानकारी मिलने पर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व विधायक अमित जोगी पड़री गांव पहुंच गए। उन्होंने अपने समर्थकों के साथ मामले की न्यायिक जांच और मृतक के परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।

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