भगवान श्री काल भैरव की 108 दीपों से उतारी महा आरती

भगवान श्री काल भैरव की 108 दीपों से उतारी महा आरती
काल भैरव अष्टमी पर काल भैरव चौक स्थित श्री काल भैरव मंदिर में सुबह अभिषेक पूजन और हवन और प्रसाद का हुआ वितरण

सिहोरा

काल भैरव को भगवान शिव का रौद्र रूप माना जाता है. काल  भैरव दो शब्दों से मिलकर बना है। जिसका अर्थ होता है काल और भैरव। शास्त्रों के अनुसार काल का अर्थ मृत्यु, डर और अंत है। भैरव का मतलब है भय को हरने वाला । काल भैरव की पूजा सभी प्रकार के कष्ट और दुखों का नाश करने वाली मानी गई है।
श्री काल भैरव अष्टमी पर सिहोरा नगर में कार्यक्रम आयोजित किए गए। नगर के सबसे प्राचीन काल भैरव चौक स्थित श्री काल भैरव मंदिर में सुबह भगवान काल भैरव का पूजन और अभिषेक किया गया तत्पश्चात भगवान काल भैरव की आरती एवं हवन के साथ भगवान काल भैरव के प्रसाद का वितरण किया गया।

शाम को 108 दीपों से उतारी गई भगवान काल भैरव की महाआरती
काल भैरव अष्टमी के पावन अवसर पर शाम 7:00 बजे काल भैरव चौक स्थित भगवान श्री काल भैरव कि 108 दीपों से श्रद्धालुओं ने आरती उतारी बैंड बाजों की धुन पर श्रद्धालुओं ने भगवान कालभैरव का नमन किया और पूरे विश्व कि सुख और समृद्धि की कामना की। श्री काल भैरव मंदिर समिति के पूर्व पार्षद शंकर यादव, आनंद प्रकाश जैन, अनुराग साहू, अमित सोनी, मधुर सैनी, दीपक सोनी, दीपेश साहू, दीपांशु साहू, हनी सराफ, शुभम कुशवाहा, संजू यादव के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल थे।
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