सिहोरा में ओपन कैपो में भंडारित 83 हजार मेट्रिक टन से अधिक गेहूं धान के खराब होने की आशंका

सिहोरा

सिहोरा तहसील के अंतर्गत बनाए गए अनेक ओपन कैप में शासन द्वारा किसानों से उपार्जित की गई धान एवं गेहूं बरसों से रखी है। जिसका समय पर उठाव न होने के कारण धान गेहूं खराब हो रही है।
भंडारण व परिवहन नीति का पालन न होने से शासन को काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है। प्रदेश में धान गेहूं के बेहतर उत्पादन की दम पर रिकॉर्ड तोड़ खरीदी की गयी। गेहूं खरीदी में मध्यप्रदेश देश में टॉप स्थिति मे रहा इसके अलावा जिले की गोदामो एवं ओपनकेप में लाखों टन पुराना गेहूं धान रखा हुआ है, जिसे भारतीय खाद्य निगम मार्कफेड एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन प्रदेश के अन्य जिलों व देश के अन्य राज्यों में आपूर्ति करता है।

पहले ओपनकैप का गेहूं उठाने का मिला है आदेश

मध्यप्रदेश वेयरहाउस एवं लॉजिस्टिक कॉरपोरेशन भोपाल के प्रबंध संचालक के द्वारा अनेकों बार पत्र जारी कर आदेशित किया है कि ओपन कैप पर भंडारित स्कंध अति संवेदनशील है। प्राथमिकता के तौर पर सर्वप्रथम ओपनकैप में भंडारित गेहूं व धान का उठाव सुनिश्चित किया जावे।
केंद्र सरकार ने भी प्रदेश को जारी पत्र में कहा था की ओपन कैप मे भंडारित स्कंध को तीन माह के भीतर उठाव कर लिया जाए। उठाव न होने की स्थिति में संबंधितों के ऊपर उक्त संकट का उत्तरदायित्व निर्धारित किया जाएगा। यह बात का भी उल्लेख है की ओपन कैप में भंडारित धान व गेहूं को दीर्घ अवधि तक सुरक्षित रखना संभव नहीं है फिर भी एफसीआई के अधिकारी आदेशो के विरुद्ध कार्य कर रहे है।

ओपनकेप में कैसे बच पाएगा खाद्यान्न,
3 से 4 माह तक ही रह सकता है सुरक्षित

जानकारों की माने तो ओपन कैप में गेहूं धान तीन माह से चार माह तक रखा जाना चाहिए। ओपनकेप वैकल्पिक व्यवस्था है विशेषज्ञों के अनुसार कैप तीन-चार माह तक की व्यवस्था है, लेकिन जबलपुर जिले में हमेशा धान गेहूं के भंडारण परिबहन उठाव मे हमेशा उल्टी गंगा बहती है। जबलपुर जिले में हमेशा ओपन कैप में लंबे समय तक खाद्यन को रखकर नष्ट किया जाता है। यदि ओपनकेप में भंडारित खाद्यान्न समय रहते नहीं उठाया गया तो सरकार को लंबा चूना लगेगा। यह सब खेल साजिश के तहत खेला जाता है, ताकि बड़े बड़े घपले घोटाले किए जा सके

किस ओपन कैप में कितना भंडारित है खाद्यान्न

बंदरकोला ओपन कैप 
धान 19600 एमटी
गेहूं 156.781 एमटी

गौराहा ओपन कैप
धान 20000 एमटी
गेहूं 200 एमटी

ओपन कैप हृदयनगर 
धान 28000 एमटी
ओपन केप गोसलपुर 
धान 14000 एमटी

ओपन केप हृदयनगर 
गेहूं 900 एमटी

ओपन केप बरखेडा 
गेहूं 500 एमटी

क्या कहते हैं जिम्मेदार

भंडारित स्कंध के उठाव का काम मार्कफेड भारतीय खाद्य निगम एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन करवाता है। वास्तव में समय पर ओपन कैप में भंडारित स्कंध का समय पर उठाव न होने के कारण स्कंध की गुणवत्ता प्रभावित होती है, फिर भी हमारे द्वारा भंडारित स्कंध का उचित रखरखाव किया जाता है।
एस.के.पुरोहित, रीजनल मैनेजर मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन जबलपुर
Previous Post Next Post