Ticker

6/recent/ticker-posts

अवैध रूप से भारी मात्रा में पेड़ो की कटाई पर वन मंडल विभाग अधिकारियों को सूचना बाद भी कोई कार्यवाही नहीं...उल्टा स्थानीय गरीब ग्रामीण पर कार्यवाही कर दिखावा कर परेशान कर रहें

WEE NEWS रतनपुर। वन मंडल के विख्यात रमचन्दा जंगल बर्बाद होते दिख रहा है रतनपुर तिलकडीह में विगत 15 दिनों से कीमती पेड़ो की अंधाधुंध कटाई जारी है। इस मसले पर वन विभाग के अधिकारी मौन नजर आ रहे है किसके द्वारा कटाई की जा रही और लकड़ियां कहा जा रही है इस विषय मे किसी को कोई जानकारी नही है।
ये सिलसिला लगभग दीवाली के पूर्व से जारी है।
आलम ये है कि इस रेंज में न तो बिट गार्ड है न ही चौकीदार एक अकेले सर्किल प्रभारी प्रेम चौरे से इस विषय पर पूछने पर उनके द्वारा पत्रकारों को गोलमोल जवाब दिया जाने लगा उन्होंने बताया कि अवैध कटाई की गई लकड़ियों को जप्ती भी बनाया गया है लेकिन जप्ती बनाकर कहा ले जाया गया है और किस पर क्या कार्यवाही की गई है इस विषय पर उनके द्वारा गोलमोल जवाब दिया जाने लगा।
वही ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि वन विभाग के दो दो बेरियर होने के बावजूद 50 से 100 नग बल्ली रोज गाड़ी में भरकर लोग ले जा रहे तब भी वन विभाग मौन है । प्रभारी प्रेम चौरे से शिकायत करने पर वे बहुत देर से आते है तथा ग्रामीणों पर ही चिल्लाने लगते है और उन पर ही गलत कार्यवाही कर देते है।
ग्रामीण लोगो का कहना यह भी था कि 50 बल्ली काट कर रखी गयी थी जिसे उन्होंने खुद गिना था लेकिन कार्यवाही में केवल 25 बल्ली को ही जप्त किया गया है इस पर प्रेम चौरे द्वारा गोलमोल जवाब दिया गया कि जो छोटे साइज की बल्लिया थी उन्हें जलाऊ में दर्ज किया गया है जबकि ग्रामीणों का कहना है कि सब एक साइज की बल्लियां थी।
इस बात से यह तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि इतने बड़े अवैध रूप कार्य किया जा रहा है घोर लापरवाही दिख रही वन विभाग के आला अधिकारियों की जरूर मिलीभगत है वरना 2 बेरियर के रहते इस तरह के अवैध कार्य  को अंजाम देना आम व्यक्ति के बस की बात नही है जमुनाही बीट कक्ष क्रमांक 244 के तहत यह काम पिछले लगभग 15 दिनों से जारी है । विभाग के अधिकारियों को सूचना मिलने पर भी उदासीन रवैया दिखाते है और आते भी नही या आते भी है तो उल्टे के चलते इस विषय पर ध्यान इन्ही पर झूठी कार्यवाही कर देते है।अवैध कटाई लगातार जारी है प्रत्येक दिन लगभग 25 से 50 पेड़ काटे जा रहे हैं,विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को बेवजह जलाऊ लकड़ी ईकट्ठा करने पर जबकि उनके द्वारा कटाई नहीं की जाती केवल टूटी हुई जलाऊ लकड़ी को इकट्ठा किया जाता है उस पर भी उनके ऊपर कार्यवाही कर दी जाती है तथा उनके सामानों साइकिल आदि को जब्ती भी बना दिया जाता है जिससे ग्रामीण काफी परेशानियों का सामना करना पढ़ रहा हैं