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दस लाख की नल जल योजना कागजों में दफनगांव में गहराया जल संकट

 लाख की नल जल योजना कागजों में दफन
गांव में गहराया जल संकट
खजरी गांव का मामला
9 बोर होने के बाद बावजूद भी गांव प्यासा
अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगत रही जनता
जांच की मांग..... 
गोसलपुर.....तहसील मुख्यालय सिहोरा के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत खजुरी गांव में पिछले लगभग दस वर्ष पूर्व मध्यप्रदेश शासन द्वारा मुख्यमंत्री नल जल योजना की सौगात मिली थी ताकि गांव में व्याप्त पेयजल संकट को समाप्त किया जा सके परंतु दस लाख की यह योजना कागजों में दफन हो गई और  शासन की राशि की बर्बादी के बाद आज भी गांव के बाशिंदे पीने के पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे है ग्राम के संतोष उपाध्याय चोखेलाल पटेल रामकृपाल काछी गनपतसिंह  सूरज श्रीवास सुनील पटैल किशोरी काछी आशीष काछी टेकराम काछी ने बताया की गांव वासियों की मांग पर खजुरी गांव के वांशिदो के लिए पेयजल संकट से निपटने के लिए दस वर्ष पहले नल जल योजना की स्वीकृति मिली थी नल जल योजना के संचालन हेतु गांव में पीएचई विभाग ने 9 बोर का खनन भी कराया
पीएचई कार्यालय से प्राप्त पाइपलाइन आधे गांव में बिछाई गई आधी पाइपलाइन लापता हो गई जवाबदार लोगों द्वारा 9 बोर खनन कराने के बाद आज तक बोर की टेस्टिंग नहीं की गई और न ही नल जल योजना का संचालन प्रारंभ किया गया
फाइबर के पंप हाउस का निर्माण भी हुआ जो वर्तमान स्थिति में टूटा फूटा डला हुआ है
परंतु पीएचई के अधिकारियों व सरपंच सचिव की नकारात्मक सोच के चलते आज तक उक्त योजना का संचालन प्रारंभ नहीं हो पाया
कागजों में वरिष्ठ अधिकारियों को पाइप लाइन क्षतिग्रस्त दर्शाकर इतिश्री कर ली गई जबकि हकीकत यह है की एक दिन के लिए ही यह नल जल योजना चालू नहीं की गई जिस कारण
लगभग चार हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी पीने के पानी के लिए भटक रहा है
जहां एक ओर वर्ष 2019 में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जल मिशन का गठन कर वर्ष 2024 तक देश के हर गांव में नल से जल पहुंचाने की योजना बनाई गई है भारी भरकम बजट भी इस योजना के लिए स्वीकृत किया गया है योजना के तहत ज्यादा से ज्यादा गांवों को लाभान्वित करने का उद्देश है इसके बावजूद भी आजादी के सात दशक बाद भी खजुरी गांव के लोग नल जल योजना से मिलने वाले पानी के लिए भटक रहे हैं गांव के लोगों का कहना है की गांव में योजना स्वीकृत की गई शासन की राशि का दुरुपयोग किया गया परंतु आज तक ना तो पूरे गांव मे पाइपलाइन बिछाई गयी और न ही आज तक खनन किए गए बोरों की टेस्टिंग की गई ना ही गांव में नल कनेक्शन दिए गये इससे ऐसा प्रतीत होता है की संबंधित विभाग व सरपंच सचिव के द्वारा शासन की राशि की जमकर होली खेली गई
जिसकी उच्च स्तरीय जांच होना चाहिये
गांव के लोगों का कहना है की मानव के जीवन मे पानी जैसी महत्वपूर्ण सुविधा लोगों को मुहैया न कराना न ही सार्थक प्रयास करना ग्राम पंचायत के नकारात्मक रवैया को परिलक्षित करता है
***गर्मी में होंगे भयावह हालात...खजुरी गांव के बाशिंदों का कहना है की गांव में हर वर्ष गर्मी के मौसम में पीने के पानी के लिए हालात बद से बदतर हो जाते हैं गांव में जल संकट छा जाता है लोग खेतों में स्थित निजी बोरों से दूर-दूर से पीने का पानी ढोकर लाते हैं हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वही स्थिति आएगी गांव में जल संकट छाएगा और लोगों को पानी के लिए जद्दोजहद करना पड़ेगी इस ओर वरिष्ठ अधिकारी बेशरमाई की चादर ओढ़ कर मौन साधे हुए है
***आंदोलन की बन रही योजना..खजुरी गांव के संतराम सुनीता शांतिबाई मुन्नीबाई केसरबाई रजनीबाई दिलीप बंशकार रंजीता बंशकार का कहना है की गांव में नल जल योजना के तहत हर घर में पानी पहुंचाने योजना को प्रारंभ कराने के लिए अनेकों बार जनप्रतिनिधियों अधिकारियों से लंबे अरसे से मांग की जा रही है सीएम हेल्पलाइन में शिकायत भी की जा चुकी हैं परंतु अधिकारियों की कनभहरी के चलते गांव में आक्रोश पनप रहा है लोग ग्राम पंचायत कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन देकर गांव में शीघ्र ही नल जल योजना चालू कराने की मांग हेतु आंदोलन करने की योजना तैयार कर रहे है
***पीएचई ने लिखा पत्र...ज्ञात हो कि 25 मार्च को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन यंत्री ने जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋजु बाफना को पत्र भेजकर सिहोरा तहसील के ग्राम पंचायत खजुरी में पाइप लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण बंद पड़ी नल जल योजना को 15 दिवस के भीतर चालू कराने का आग्रह किया है ज्ञात हो पत्र में उल्लेख है की प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 10 मार्च को कलेक्टर कमिश्नर की वीडियो कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देश के तारतम्य गांव में बंद पड़े नल जल योजना को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आपसी सामंजस्य के तहत गर्मी के मौसम में इन बंद पड़ी नल जल योजनाओं को शीघ्र क्रियाशील रखने के आदेश मुख्यमंत्री द्वारा  दिए गए थे परंतु मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद भी खजुरी में  नल जल योजना को चालू नहीं किया गया
***पाइपलाइन विस्तारीकरण के नाम पर निकली राशि.....बड़े मजे की बात है की खजुरी गांव में दस लाख की नल जल योजना स्वीकृत हुई आधी अधूरी पाइप लाइन बिछाई गई योजना आज तक चालू नहीं हुई और ग्राम पंचायत खजुरी के सरपंच सचिव द्वारा गांव में पाइपलाइन विस्तारीकरण के नाम पर दो लाख सतर हजार रूपये की राशि निकाल ली गई प्रश्न यह उठता है की जब योजना चालू ही नहीं हुई तो पाइप लाइन का विस्तारीकरण कहां कर दिया गया इससे स्पष्ट होता है कि जनपद पंचायत सिहोरा के अधिकारी व स्थानीय सरपंच सचिव की सांठगांठ से दो लाख सतर हजार रूपये की राशि का बंदरबांट किया गया है खजुरी गांव के लोगों ने वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में जांच की मांग की है शीघ्र ही इस आशय की लिखित शिकायत जिला कलेक्टर जबलपुर को सौपी जावेगी