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कभी भी धराशायी हो सकता हैजर्जर भवननया भवन बनाने की मांग

कभी भी धराशायी हो सकता है
जर्जर भवन
नया भवन बनाने की मांग
विभागीय अधिकारियों की अनदेखी
पत्राचार और एस्टीमेट तक सिमटी प्रक्रिया
मजबूरी....स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में चल रहा पशु औषधालय
गोसलपुर........सिहोरा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम कछपुरा में संचालित
कृत्रिम पशु गर्भाधान केंद्र कछपुरा जिसका भवन 26 मई 1988 को बना था 33 साल पुराने इस भवन की जर्जर हालत ऐसी हो गयी है की इस संस्था के भवन का पूरा छत का प्लास्टर उखड़ गया है दीवारों की छपाई उखड गई है फर्श में जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए है खिड़की दरवाजा दयनीय स्थिति में हो गए हैं
छत की निकली सरिया देख कर लगता है की कभी भी यह भवन भरभरा कर गिर सकता है दहशत भरे माहौल में यहां पदस्थ कर्मचारी अपनी नौकरी का समय व्यतीत करते थे उनके दिमाग में हमेशा भय व्याप्त रहता था
कोई अनहोनी न घट जाए
जिस कारण अब यह संस्था स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में संचालित हो रही है
यहां पर पदस्थ अमले ने बताया की बारिश के मौसम में पूरा भवन टपकता था जिससे कमरों में पानी भर जाता था औषधालय में रखी दवाइयां रिकार्ड व अन्य आवश्यक सामग्री पानी में नष्ट हो
जाती थी
जिस कारण इस संस्था को
स्कूल के अतिरिक्त कक्ष में स्थानांतरित कर लिया गया है
अनेकों बार ग्राम पंचायत कछपुरा
के सरपंच व जनप्रतिनिधियों द्वारा ग्राम सभा के माध्यम से नए भवन बनाने का संकल्प पारित कर प्रस्ताव पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपा जा चुका है
अनेकों बार विभाग के द्वारा नए भवन की स्वीकृति हेतु वल्लभ भवन पत्राचार भी किया गया परंतु नया भवन स्वीकृत नहीं
किया गया
33 वर्ष पुराने इस भवन की स्थिति देखकर यह भवन कबाड़खाना सा प्रतीत होता है गांव के पशुपालक
अनिल चौधरी बृजमोहन पटेल ने बताया की मवेशियों का इलाज कराने हेतु संस्था जाने में डर लगता था
कछपुरा के अधिवक्ता सोहन सोनी हरिओमक् प्रीतवानी शैलू  विश्ववकर्मा सुरेन्द्र यादव भोला पटेल पंचम पटेल ने बताया की
वर्षा ऋतु के पूर्व बल्लभ भवन में बैठे अधिकारियों द्वारा जर्जर भवनों की जानकारी का प्रपत्र भरवा कर औपचारिकता निभा दी जाती है परंतु प्रशासनिक स्तर पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नए भवन की स्वीकृति के लिए उच्चस्तरीय प्रयास नहीं किए जाते
जिस कारण आज भी यह भवन दुर्दशा के आंसू बहा रहा है
और पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारी एस्टीमेट तैयार कराने पत्राचार कराने की बात कहकर
अपना पल्ला झाड़ देते है
अब मोहल्ले के लोग इस जर्जर भवन में अपने मवेशी भी बांधने लगे हैं जो दुर्घटना को खुला
आमंत्रण है