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किसानों से खुलेआम प्रति कट्टी ली जा रही 1 किलो 200 ग्राम अधिक धान !

किसानों से खुलेआम प्रति कट्टी ली जा रही 1 किलो 200 ग्राम अधिक धान !

सिहोरा तहसील के बेला टिकरिया शिव शक्ति वेयरहाउस का मामला : किसानों का आरोप स्टैकिंग के नाम पर 30 से 40 प्रति कट्टी की हो रही वसूली

 विरोध करने पर किसानों को दी जाती है तौल नहीं करने की धमकी


सिहोरा

समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदी में किसानों को खुलेआम लूटा जा रहा है। अगर किसान इसका विरोध करता है तो उसकी उपज की तौल नहीं करने की धमकी दी जाती है। खरीदी प्रभारी खुलेआम किसानों से सौदा कर रहे हैं। ताजा मामला सिहोरा तहसील के बेला टिकरिया सोसायटी के खरीदी केंद्र शिव शक्ति वेयर हाउस का है, जहां किसानों से प्रति कट्टी 1 किलो 200 से तीन सौ ग्राम अधिक धान तौली जा रही है। अगर किसान इसका विरोध करता है तो उसके साथ अभद्रता तक हो रही है, जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि बारदाना (सुतली की बोरी) सहित 40 किलो 850 ग्राम की तौल की जाना है, लेकिन खरीदी प्रभारी खुलेआम किसानों को लूट रहे हैं। वही जिम्मेदार अधिकारी शिकायत की जांच के नाम पर उन्हें खुलेआम संरक्षण दे रहे हैं।

  बेला टिकरिया सोसाइटी के खरीदी केंद्र शिव शक्ति वेयरहाउस को इस बार धान खरीदी का केंद्र बनाया गया है। पटना उमरिया के किसान रामसहाय हलदकार ने बताया कि वह अपनी धान बेचने के लिए वेयरहाउस आए थे। शासन के स्पष्ट निर्देश है कि प्रति कट्टी 40 किलो 850 ग्राम (बारदाना) सहित तौल होना है, लेकिन यहां पर उनकी धान की 41 किलो 300 ग्राम की गई। जबकि उनकी धान में कोई नमी भी नहीं थी। ऐसे कई किसान थे जिनकी तौल शासन द्वारा तय मानक से अधिक पर की जा रही थी। लेकिन किसान अपनी धान विक्रय के लिए मजबूरी में खरीदी प्रभारी को अधिक धान तुलवाने के लिए मजबूर थे। 

स्टैकिंग के नाम पर 30 से 40 रुपए प्रति कट्टी की वसूली

नाम नहीं छापने की शर्त पर कई किसानों ने बताया कि वेअर हाउस के बाहर प्रांगण में हो रही खरीदी के दौरान किसानों से वेयरहाउस में कट्टी स्टैकिंग के नाम पर 30 से 40 की वसूली हो रही है। किसानों ने दबी जुबान में यह भी बताया कि अगर स्टैकिंग का पैसा नहीं दिया जाता तो उनकी धान रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की जाती। जिसको लेकर भी किसान बहुत ज्यादा यहां पर परेशान हैं।


50000 एमटी क्षमता वेयरहाउस की, इन गांवों के किसानों की हो रही खरीदी

किसानों का यह भी आरोप है कि नमी के नाम पर उनकी धान को पहले रिजेक्ट कर दिया जाता है और बाद में पैसा ले देकर उसी धान को पास कर दिया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक शिव शक्ति
 वेयरहाउस में सिलुआ, रानीताल, कुड़वा मड़ोद, पठरा उमरिया, घुटना गांव की खरीदी हो रही है। करीब 50 हजार मैट्रिक टन क्षमता के इस वेयरहाउस को पहली बार खरीदी केंद्र बनाया गया है। 


जिम्मेदार अधिकारी नहीं करते कोई कार्रवाई, सिर्फ शिकायत की जांच की बात


समर्थन मूल्य पर धान की सरकारी खरीदी में किसानों के साथ खुलेआम लूट हो रही है वहीं नमी के नाम पर उनकी धान पहले रिजेक्ट कर दी जाती है और पैसा ले देकर सेल्समैन और खरीदी प्रभारी उसी धान को पास कर देते हैं। किसान जब मामले की शिकायत करता है तो शिकायत की जांच सिर्फ ठंडे बस्ते में चली जाती है।


क्या कहते हैं जिम्मेदार

शासन के स्पष्ट निर्देश है कि धान की सरकारी खरीद ही में बारदाना (सुतली की बोरी) सहित तौल 40 किलो 850 ग्राम करना है। संबंधित वेयरहाउस में अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो मामले की जांच की जाएगी और संबंधित खरीदी प्रभारी, वेयरहाउस संचालक के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

पल्लवी जैन, सहायक खाद्य अधिकारी सिहोरा