खबर का असर ऑक्सीजन प्लांट के ड्रायर और कंप्रेसर को टीम ने सुधारा, 98% पहुंची ऑक्सीजन की शुद्धता

खबर का असर
 ऑक्सीजन प्लांट के ड्रायर और कंप्रेसर को टीम ने सुधारा, 98% पहुंची ऑक्सीजन की शुद्धता

टेस्ट के लिए 4 दिन लगातार चलेंगे ऑक्सीजन प्लांट

24 घंटे प्लांट चलाकर हर 2 घंटे में ऑक्सीजन का प्योरिटी लेवल दर्ज करने के आदेश


सिहोरा

सिविल हॉस्पिटल सिहोरा के ऑक्सीजन प्लांट के कंप्रेसर और ड्रायर में आई गड़बड़ी को टीम ने सुधार लिया है। पीपुल्स समाचार में 'सवा करोड़ के ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी खराबी, ड्रायर और कंप्रेसर भी हो गए खराब' शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्लांट के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में जबलपुर से आई टीम ने प्लांट के कंप्रेसर और ड्रायर को सुधारने का काम शुरू किया जिसके बाद ऑक्सीजन प्लांट की ऑक्सीजन में 98% शुद्धता आ गई है। 

कोरोना के नए वेरिएंट ओमाइक्रोन के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य महकमे ने जमीनी तैयारियां शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर अस्पतालों में लगे ऑक्सीजन प्लांट 6 घंटे चला कर्मा ग्रिल कराई जा रही है इसमें कई प्लांट में तकनीकी खामियां लीकेज और ऑक्सीजन की शुद्धता काम आई थी। 

4 दिन लगातार 24 घंटे प्लांट चलाकर हर 2 घंटे में ऑक्सीजन की प्योरिटी लेवल दर्ज करने के आदेश

स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार पीएसए प्लांट 4 दिन तक लगातार 24 घंटे प्लांट चलाकर हर 2 घंटे में ऑक्सीजन की प्योरिटी लेवल दर्ज करने के आदेश दिए गए। 6 दिसंबर तक रोज सुबह 8:00 बजे और रात 8:00 बजे ऑक्सीजन की शुद्धता की जांच की जानकारी भेजने के निर्देश भी स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्लांट के कर्मचारी और स्वास्थ्य विभाग के अमले को दिए हैं।

सवा करोड़ की लागत से तैयार हुआ था ऑक्सीजन प्लांट

सिहोरा सिविल हॉस्पिटल का ऑक्सीजन प्लांट 1 करोड़ 32 लाख रुपए की लागत से अक्टूबर 2021 में तैयार हुआ था। प्लांट को एनएचएआई, डीआरडीओ और विद्युत विभाग और गैरीजॉन मेडिकल गेस्ट ऑक्सीजन पीएसए कंपनी ने लगाया था। ऑक्सीजन प्लांट लगने के बात सही कंप्रेसर और ड्रायर में गड़बड़ी सामने आने लगी थी और उसकी जानकारी हॉस्पिटल के अमले ने संबंधित विभाग को दे दी थी।
इनका कहना

हॉस्पिटल के ऑक्सीजन प्लांट में जो भी तकनीकी खराबी थी उसे जबलपुर और भोपाल से आई टेक्निकल टीम ने काफी हद तक सही कर लिया है। ऑक्सीजन की शुद्धता 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर लगातार चार दिनों तक प्लांट में ऑक्सीजन की टेस्टिंग का काम चलता रहेगा।

डॉ आर्यन तिवारी, प्रभारी सिविल हॉस्पिटल से होरा
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