छत्तीसगढ़: धान खरीदी में किसानों को हो रही समस्या, मस्तूरी विधायक के नेतृत्व में किसानों ने भूपेश सरकार के खिलाफ एसडीएम को ज्ञापन...


WEE NEWS बिलासपुर। मस्तूरी क्षेत्र के किसानों की समस्या दिन-ब-दिन कम होने का नाम नहीं ले रही है किसानों की समस्याओं को लेकर शनिवार को मस्तूरी विधायक व उप नेता प्रतिपक्ष डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने मस्तूरी में कांग्रेस सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जोन्धरा चौक पर नुक्कड़ सभा के माध्यम से उन्होंने सरकार को जमकर कोसा  बीजेपी ने दाना दाना धान खरीदी वादा निभाओ, बारदाना की व्यवस्था, बकाया बोनस, एकमुश्त राशि देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर विरोध जताया. और मस्तूरी एसडीएम के नाम ज्ञापन सौंपा साथ ही कहा कि यदि सरकार जल्द ही किसानों की समस्या का निराकरण नहीं करती है मस्तूरी में वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा  मस्तूरी के जोंधरा चौक पर भाजपा नेताओं ने धान खरीदी में व्याप्त समस्याओं को लेकर नुक्कड़ सभा की. इस दौरान मस्तूरी विधायक डॉक्टर कृष्णमूर्ति बांधी, जयराम नगर गतौरा मंडल अध्यक्ष राजेंद्र राठौर मंडल महामंत्री श्याम लाल पटेल महामंत्री राधेश्याम मिश्रा मस्तूरी मंडल अध्यक्ष विजय अंचल, महामंत्री पवन श्रीवास लोहरसी मंडल के अध्यक्ष हर नारायण तिवारी मंडल महामंत्री रामनिवास साहू विधायक प्रतिनिधि संतोष मिश्रा प्रकाश अवस्थी रामचरण कौशिक समेत अन्य भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे.
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए मस्तूरी विधायक ने कहा कि ने कहा किसानों के साथ कांग्रेस सरकार लगातार अन्याय कर रही है. घोषणापत्र में किए वादों को पूरा नहीं कर रही है. नित नए नियम लागू करके किसानों के साथ अन्याय कर रही है  किसान आज धान बेचने को खड़ा है. उसको टोकन नहीं मिल रहा है. जिसको टोकन मिला, उस किसान ने धान बेचा, लेकिन खाते में 1 महीने से पैसे ही नहीं आए हैं. उन्होंने कहा कि गिरदावरी के नाम पर किसानों का रकबा कम कर दिया गया है. बिजली बिल बढ़ा दिया गया है. गांव के लोगों को बिजली नहीं मिल रही है. ये लोग लगातार किसानों के साथ अन्याय कर रहे है. इस सरकार को उखाड़ फेंकने और किसानों के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता खड़ा है. इन्हें न्याय मिले. इस आवाज को हम सब मिलकर उठा रहे हैं.

आज सौंपे गए ज्ञापन की मुख्य बिंदु

धान खरीदी केंद्रों में किसानों से 2 से 3 किलो अतिरिक्त धान तौल में लिया जा रहा है। 2. टोकन वितरण में पारदर्शिता की कमी के कारण अवव्यवस्था हो रही है कर्मचारी मनमर्जी से टोकन वितरण कर रहे है।

3 बारदाना हेतु किसानो को शासन द्वारा 25/- देने की बात कही गई है जिसका लिखित आदेश खरीदी केंद्रो पर उपलब्ध नहीं है केवल माखिक आदेश है।

4. 25% किसानों को बारदाने लाने का आदेश है परंतु कई खरीदी केंद्रो पर 50% तक बारदाने लाने के लिए बाध्य किया जा रहा है।

 5. कुछ खरीदी केंद्रों में पूर्व में आरोपित या दोषी कर्मचारियों को ही केंद्र का प्रभारी बना दिया गया

है। 6. कुछ किसानों की रकबा की कटौती किया गया है उसे सुधारने हेतु सतत प्रक्रिया होनी चाहिये। 

7. कुछ किसान पंजीयन से वंचित हो गये है उसकी पुनः पंजीयन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने का कष्ट करे।

8. जिन ग्रामों में किसानों की फसल मुरामाहो कीट के कारण चौपट हो गई है उनका मुल्यांकन कर आवश्यक क्षतिपूर्ति प्रदान करने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें। साथ ही 5-6 बार किसानों द्वारा कीट उपचार हेतु कीटनाशक का उपयोग किया गया है उनकी जांच होनी चाहिए।

9. इस साल किसानों की खेती में बहुत खर्च हुआ है जैसे 600,700 रूपये में खाद खरीदे है 5-6 बार कीटनाशक का उपयोग किया है, बारदाना की अतिरिक्त व्यवस्था करना पड़ा है। इसलिए इस साल का समर्थन मूल्य 2500 रूपये की राशि एकमुश्त जारी करने का निर्णय लिया जाए। 

10. संबंधित अधिकारी धान संग्रहण केंद्रों पर सतत निगरानी की व्यवस्था बनाने हेतु आवश्यक कार्यवाही करें।
 11. पूर्व में धान की राशि एवं बारदाने की राशि जोड़कर एकमुश्त दिया जावे

12 पूर्व में किसान द्वारा बोरे का रेट ₹55 निर्धारित था तो किसानों को ₹55 प्रति प्रति बोरी की दर से दिया जावे
13. जो किसान 25 % बारदाना दे रहे हैं उसी का धान बिक्री हो रहा है  बाकी का नही लिया जा रहा है विसंगति दूर करें
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