अधिक ठण्ड व पाला पड़ने से पान की फसलों को नुकसान की आशंका

अधिक ठण्ड व पाला पड़ने से पान की फसलों को नुकसान की आशंका

पान कृषकों में चिन्ता बढ़ी, मौसम खुलने पर दिखता है असर
सिहोरा

अपेक्षाकृत अधिक ठण्ड के प्रभाव, पाला पड़ने, शीतलहर का असर पान की फसल पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत कम होने पर पाला का खतरा मंडराने लगा है। पाला पड़ने से पान की फसल पर नुकसान आशंका बलवती हो गयी है।
गांधीग्राम के पान किसानों का कहना है कि उनका मुख्य व्यवसाय पान बरेजो में पान की खेती करना है। पान की फसल में मौसम के प्रतिकूल प्रभाव से पतझड़ लग जाने की आशंका दिख रही है। चौरसिया समाज के पान कृषकों ओमप्रकाश चौरसिया, भूपेन्द्र चौरसिया,मुन्ना चौरसिया,कल्लू चौरसिया, रतनलाल चौरसिया, अशोक चौरसिया, रामकुमार चौरसिया, सुनील चौरसिया,छोटू चौरसिया,बसंते चौरसिया, नरेश चौरसिया,नरबद चौरसिया,मिलन चौरसिया,बबुआ चौरसिया,लल्लू चौरसिया ने बताया कि  पान बरेजों में अधिक ठंड,पाले के प्रभाव से  पान की बेलें झुलस व अकड़ने की स्थिति में हैं। मौसम खुलते ही बेलों में लगे हुए पान के नुकसान की आशंका है।
यहाँ हैं पान बरेजे

गांधीग्राम के प्रमुख पान बरेजों में पंडित बारे, माल्हा बरेजा, देवनगर,पंडित बारे, शहरा, बंगरा, खपरहिया, बाबाजी वाले,धरमपुरा, देवनगर पान बरेजो की पान की फसल लगी हुई है।

चना,मटर,अरहर को भी नुकसान की आशंका

लगातार दो दिनों से गिर रहे पाले से   चना,मटर,अरहर पर प्रभाव से पौधों की पत्तियां और फूल झुलसने लगते हैं। जिसकी वजह से फसल पर असर पड़ता है। इस बारे में कृषि के जानकार वासुदेव मिश्रा, प्रकाश मिश्रा, वीरेन्द्र पटेल,राजेश पटेल उत्तम तिवारी ने बताया कि कुछ फसलें बहुत ज्यादा तापमान या पाला झेल नहीं पाती हैं, जिससे उनके खराब होने का खतरा बना रहता है। पाला पड़ने के दौरान अगर फसल की देखभाल नहीं की जाए तो उस पर आने वाले फल या फूल झड़ सकते हैं।जिसकी वजह से पत्तियों का रंग भूरा दिखने लगता है। अगर शीतलहर हवा के रूप में चलती रहे तो उससे कम या बिल्कुल ही नुकसान नहीं होता है, लेकिन हवा रुक जाए तो पाला पड़ता है, जो फसलों के लिए ज्यादा नुकसानदायक होता है. पाले की वजह से अधिकतर पौधों के फूलों के गिरने से पैदावार में कमी हो जाती है।

इनका कहना
शीतलहर, पाले का असर फसलों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। न्यूनतम तापमान अपेक्षाकृत कम होने पर पाला का खतरा मंडराने लगा है। पाला पड़ने की आशंका को देखते हुए कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें किसानों को अपनी फसल पाले से बचाने के लिए उपाय बताए हैं। शाम को खेत के मेड़ पर फडल अवशेष,भूसा आदि जलाकर धुआँ करें। फसलों की हल्की सिंचाई करें घुलनशील गंधक 80% 3 ग्राम प्रति लीटर अथवा थायो यूरिया 4,5 ग्राम प्रतिलीटर, अथवा बेंटोनाइट सल्फर 3 ग्राम प्रति लीटर की दर से छिड़काव करें।

मनीषा पटेल, अनुविभागीय अधिकारी एग्रीकल्चर सिहोरा
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