मैपिंग से गायब हुआ गांव, धान खरीदी का नहीं पहुंचा मैसेजउपज बेचने के लिए भटक रहे एक सकडा किसान

मैपिंग से गायब हुआ गांव, धान खरीदी का नहीं पहुंचा मैसेज
उपज बेचने के लिए भटक रहे एक सकडा किसान

27 किलोमीटर दूर करना पड़ेगा सफर
तहसीलदार को सौंपी शिकायत
सिमरिया गांव का मामला : तहसीलदार को आवेदन देने के बावजूद नहीं हुआ समस्या का हल

सिहोरा
प्रशासन एक तरफ दावा कर रहा है की खरीदी केंद्रों में किसानों को अपनी उपज बेचने के दौरान कोई भी परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा, लेकिन सिहोरा तहसील के सिमरिया गांव को मैपिंग से ही गायब कर दिया गया है। ऐसे में किसानों के पास ना तो धान की उपज तुलवाने के मैसेज आ रहे है और न ही उन्हें खरीदी केंद्र का कोई पता है किसानों ने अपनी समस्या को लेकर तहसीलदार राकेश चौरसिया को एक लिखित आवेदन भी दिया लेकिन किसानों की समस्या जस की तस बनी हुई है। सिमरिया गांव के किसान मनीष पालीवाल, कुंवरलाल रजक भगवान दास पटेल सुखचैन राजभर केशव रजक राजू साहू ने बताया की उन्होंने धान विक्रय के लिए रजिस्ट्रेशन कराए थे। रजिस्ट्रेशन के दौरान धान खरीदी केंद्र का नाम नहीं दिख रहा हमारा गांव कछपुरा खरीदी केंद्र के अंतर्गत आता है। उपार्जन व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों की अनदेखी के चलते उक्त सिमरिया गांव को दर्शनी ओपन कैप में जोड़ दिया गया है। गांव से उक्त खरीदी केंद्र की दूरी लगभग 27 किलोमीटर दूर है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन हमारी समस्या पर कोई भी ध्यान नहीं दे रहा है। अपनी इन समस्याओं को किसानों ने तहसीलदार को एक लिखित आवेदन भी दिया इसके बावजूद किसानों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है।

इनका कहना है
खरीदी केंद्रों में गांव की मैपिंग का कार्य डीएमओ के द्वारा किया जाता है किसानों से शिकायत प्राप्त हुई है सुधार हेतु जिला मुख्यालय पत्र भेजा गया है
आशीष पांडे एसडीएम सिहोरा
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