प्राथमिक शाला कछपुरा के हाल बेहालसमय पर नहीं आते शिक्षक,

प्राथमिक शाला कछपुरा के हाल बेहाल
समय पर नहीं आते शिक्षक, कक्षा सूनी
डेली अप डाऊन से बेपटरी हुई
शैक्षणिक व्यवस्था
अधिकारियों को झांकने की फुर्सत नहीं
समय के पहले बंद हो जाती है
पाठशाला

सिहोरा

सिहोरा तहसील के अंतर्गत संकुल केंद्र गोसलपुर के अधीन संचालित माध्यमिक व प्राथमिक शालाओं मे लंबे समय से हाल बेहाल है। लोगों ने बताया की विद्यालय समय पर नहीं खुलते एवं समय के पहले पाठशाला बंद हो जाती है। शुक्रवार को सुबह लगभग 11 बजे हमारे प्रतिनिधि ने जब प्राथमिक शाला कछपुरा का भ्रमण किया तो कक्षा सूनी थी कक्षा में मात्र 3 बच्चे बैठ कर पढ़ाई कर रहे थे।

जहां एक और लंबे अंतराल के बाद कोरोना संक्रमण महामारी के बाद विद्यालयों का लगना प्रारंभ हुआ पटरी से उतरी शैक्षणिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने हेतु शिक्षा विभाग के आला अधिकारियो द्वारा निर्देशित किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर विद्यालय में फैली अव्यवस्था एवं शिक्षकों की लापरवाही देखने की फुर्सत किसी को नहीं है।
जिसके चलते विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं का भविष्य चौपट होता दिख रहा है। जिसको लेकर अभिभावकों के माथे में चिंता की लकीरें स्पष्ट झलक रही है।।
एक और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के स्पष्ट निर्देश है कि शिक्षक अपने मुख्यालय में निवास करें परंतु गोसलपुर क्षेत्र की शालाओ में पदस्थ 90 फ़ीसदी शिक्षक डेली अप डाउन कर रहे है। जिस कारण शैक्षणिक व्यवस्था लगातार लड़खड़ाती जा रही है। लोगों की माने तो लोगों का कहना है की सुबह 11:00 बजे विद्यालय खुलते हैं और शाम 4:00 बजे विद्यालय बंद हो जाते है।
दूरस्थ ग्रामीण अंचल की स्थिति और भी खराब है जहां एक ओर विद्यालय के निरीक्षण हेतु विकासखंड स्तर पर बीआरसीसी, बीईओ, बीएसी संकुल प्राचार्य की मुखिया की जवाबदेही तय की गई है, परंतु इनके द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है। क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों ने जिला प्रशासन के मुखिया से इस सबंध मे कड़े निर्देश जारी करने की मांग की है। क्षेत्रीय लोगों ने संचालित विद्यालयों के औचक निरीक्षण की मांग की है।

इनका कहना है

मेरे द्वारा विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया जावेगा निरीक्षण के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
घनश्याम सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी जबलपुर
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