सिकल सेल जैसी बीमारियों से बचाव के लिये जनजागृति आवश्यक है – राज्यपाल श्री पटेल

सिकल सेल जैसी बीमारियों से बचाव के लिये जनजागृति आवश्यक है – राज्यपाल श्री पटेल

जबलपुर
महामहिम राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने आज आईसीएमआर में विश्व स्वास्थ्य संगठन के जनजातीय स्वास्थ्य के लिये सहयोगी केन्द्र, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च इन ट्राइबल हेल्थ का दौरा किया। इस दौरान ऑडोटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि जनजातियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर यह संस्था द्वारा कई महत्वपूर्ण कार्य किये है, उन्होंने संस्था द्वारा सिकल सेल, प्लोराइसिस, टीबी या अन्य अनुवांशिकी बीमारियों की खोज व निदान के प्रयासों की सराहना की और कहा कि यह देश के 10 राज्यों से संपर्क कर यह संस्था नई रोगों को डायग्नोसिस करने में सफल हुआ है, इसके लिये संस्था व वहां के वैज्ञानिकों केा धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वे जनजातीय समाज को नजदीक से देखा है तथा उनकी तकलीफों व बीमारियों से परिचित है, अत: यह सदैव प्रयास करते रहना चाहिये कि घातक बीमारियों का समुचित उपचार हो। उन्होंने कहा कि सिकल सेल से पीड़ित युवक-युवती आपस के विवाह करने से बचें। इस बीमारी का यदि मां के गर्भ से ही पता चल जाये तो तभी से इसके उपचार करना सुनिश्चित हो। 
सिकल सेल जैसी बीमारियों से बचाव के लिये जनजागृति आवश्यक है, जनजागृति से एक दिन इस बीमारी से मुक्ति जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में भी इस दिशा में खोज होनी चाहिये । प्लोरोसिस से बचाव के लिये सुरक्षित पेयजल पर जोर देते हुये समुचित पोषण से टीबी जैसी घातक बीमारियों के निदान की बात की और कहा कि बीमारी का पता चलते ही समय-समय पर चिकित्सक के निर्देशानुसार दवाईयां लेते रहे। उन्होंने कहा कि सिकल सेल वॉरियर बन कर सिकल सेल से जंग में काम करें। समाज में रोग उपचार के लिये जन जागृति लायें इसमें सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास हो तभी सबका कल्याण होगा। उन्होंने कहा कि बड़े बदलाव के लिये छोटे-छोटे प्रयास होने चाहिये, समस्या के निदान के लिये सभी की भागीदारी हो। महिलाओं को महिलाओं द्वारा इस बीमारी के संबंध में अच्छा से समझाया जा सकता है, इसमें युवा शक्ति को भी साथ में लें।
उन्होंने कहा कि माता-पिता बच्चों के भविष्य के लिये कुछ समय निकालें। समाज में जन जागृति लाया जाये, ताकि वे सरकारी योजनाओं का लाभ ले सके। उन्होंने कहा कि सभी लोग संकल्प करे कि सिकल सेल उन्मूलन की दिशा में कार्य हो, समाज की समस्या को अपनी समस्या मानकर उसके निदान में जुट जाना चाहिये। कर्म के बिना भविष्य नहीं बनता है अत: अच्छे कर्म कर सुखद भविष्य बनायें। उन्होंने एनआईआरटीएच के भ्रमण के दौरान वायरोलॉजी, रूधिर विज्ञान के साथ अन्य विभागों में जाकर वहां के अधिकारियों से उनके कार्य प्रणालियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने सिकल सेल लेब का उद्घाटन भी किया। इसके पूर्व संस्था के डारेक्टर डॉ. अपरूप दास व डॉ. एस. राजा सुब्रमन्यम ने संस्था व उसके कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। राज्यपाल श्री पटेल ने आईसीएमआर परिसर में आम का पौधा रोपण कर ट्रायबल हट को भी देखा। कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा, अपर कलेक्टर श्री राजेश बाथम सहित अन्य संबंधित अधिकारी व संस्था के वैज्ञानिक उपस्थित थे।
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