लगातार बढ़ रहे डाग वाइट केमामले

लगातार बढ़ रहे डाग वाइट के
मामले
आवारा शवानो का आतंक : दोपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका
रात होते ही लोगों को दौड़ा-दौड़ा
कर रहे घायल
सिहोरा

नगर के रहवासी इलाको मे काफी समय से आवारा कुत्तो के आतंक से लोग परेशान है गांव के मुख्य मार्ग सूनशान होते ही स्ट्रीट डॉग की मौजूदगी इन जगहो पर दिखाई देने लगती है ।इनके झुंड दो पहिया चार पहिया वाहनों के पीछे भागते है।
डाग के पीछे लगते ही वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका बनी
रहती है ।इन दिनो कुछ चिन्हित स्थानों से दोपहिया वाहन चालक रात में गुजरने से कतराने आने लगे है। नगर में इन दिनों डॉग बाइट के मामले बढ़ रहे हैं नगर की अंदरूनी गलियां हो या नेशनल हाईवे व कालोनियो की सड़क शाम होते ही यहां आवारा शवानो का जमघट लग जाता है।
इनकी दहशत इतनी है की लोग छोटे बच्चों को घर से निकलने नहीं देते। हर माह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में दौ से ढाई सौ लोग शवानो के हमले में घायल होकर अस्पताल पहुंच रहे है। एक अनुमान के मुताबिक नगर मे लगभग तीन सौ आवारा स्वान है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा
 रेलवे स्टेशन, गोसलपुर शंकर कॉलोनी, झंडा बाजार, रामलीला मैदान, कछपुरा यज्ञशाला, शिवघाट मंदिर, रामसागर तालाब के पास , आश्रम मोहल्ला, शिवदत्त कॉलोनी, नेशनल हाईवे, बस स्टैंड के साथ खानपान के स्टाल चाय पान की दुकाने सार्वजनिक पार्क मंदिरों रेलवे स्टेशनों होटलो के आसपास शाम होते ही आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ जाती है।

इंजेक्शन महंगा

शवानों के हमले में घायल हुए लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाया जाता है। रेबीज इंजेक्शन की घायल को पांच डोज लगाई जाती हैं। पहला इंजेक्शन लगने के तीसरे दिन बाद सेकंड डोज लगाई जाती है। निजी अस्पतालों में रैबीज इंजेक्शन के 600 से 700 रुपये तक लिए जाते है

रेबीज के लक्षण

मरीज का मानसिक संतुलन खोने लगता है
सिर में दर्द होता है। तेज बुखार आता है।
रैबीज से पीड़ित को पानी से डर लगता है।
ग्राम के अर्पित चौबे, सौरभ बर्मन, मनीष द्विवेदी, जितेंद्र पटेल, कुलदीप अवस्थी, श्वेतांक पालीवाल, घनश्याम उपाध्याय ने प्रशासन से डॉग कैचर टीम बनाने की मांग की है।
Previous Post Next Post