गमगीन माहौल में गांव से उठी दो अर्थियां, हर किसी की आंखें थीं नम

गमगीन माहौल में गांव से उठी दो अर्थियां, हर किसी की आंखें थीं नम


तेज रफ्तार वाहन ने छीन लिया दो परिवारों का सहारा

बुढ़रा ग्राम में पुलिस की मौजूद में हुआ दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार 


सिहोरा

 गमगीन माहौल में बुढ़रा गांव में गुरुवार को दो अर्थियां उठी तो लोगों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। हर कोई उस समय को कोस रहा था जब तेज रफ्तार वाहन ने दो घरों का सहारा छीन लिया। हर किसी की आंखें नम थीं। पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क हादसे में मृत राम भक्त खरे और नीरज पटेल का अंतिम संस्कार दोपहर बाद किया गया। इसके पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बुधवार शाम को घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे वाली जगह और उस मोड़ को देखा जहां पर तेज रफ्तार भारी वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को जोरदार टक्कर मार दी थी। 



परिजनों का रोरो कर बुरा हाल, पिता के शव से लिपट कर रोता रहा बेटा

हादसे में राम भक्त खरे के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल था। पत्नी सीमा बार-बार बेहोश हो जा रही थी गांव की महिलाएं किसी तरह उसे संभालती रही। बेटा कान्हा और बेटी सृष्टि को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि अब उसके सिर पर पिता का साया उठ गया है। अंतिम संस्कार के पहले कान्हा अपने पिता के शव से लिपट कर लगातार रोता रहा।


यह थी पूरी घटना
 बुधवार दोपहर बुढ़रा ग्राम निवासी राम भक्त खरे (50) और उनका साथ ही नीरज पटेल (22) बुधवार दोपहर अपनी मोटरसाइकिल से किसी काम से सिहोरा आ रहे थे। सिहोरा-सिलौंडी रोड पर सामने से आ रहे तेज रफ्तार वाहन ने भीखा खेड़ा गांव के पास मोड़ में जोरदार टक्कर मार दी। दर्दनाक हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

बेहद खतरनाक है अंधा मोड़, हो चुके हैं कई हादसे

जानकारी के मुताबिक सिहोरा-सिलौंडी रोड पर भीखा खेड़ा गांव के पास जहां कल यह हादसा घटित हुआ वह अंधा मोड़ है। इसके पहले भी इस मोड़ पर कई हादसे घटित हो चुके हैं। मोड़ पर सिहोरा से मझगवां  जाते समय दूसरी तरफ से आ रहा तेज रफ्तार वाहन दिखाई नहीं देता। जिसके कारण हादसा होने की संभावना सबसे ज्यादा बनी रहती है।
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