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Braking news आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर लगाया जाम, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी, यह बड़ी बात आई सामने

Braking news आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर लगाया जाम, प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी, यह बड़ी बात आई सामने

मझगवां-सिलौंडी रोड़ का मामला : अंधे मोड़ में बुधवार को दर्दनाक हादसे में दो लोगों की हो गई मौत, वाहनों की गति पर रोक लगाने की मांग

सिहोरा
 
मझगवां-सिलौंडी रोड़ पर भीखाखेड़ा गांव में शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम लगने से सड़क पर दोनों तरफ अफरा-तफरी मच गई। जाम लगने की खबर लगते ही पुलिस और प्रशासन का अमला आनन-फानन में मौके पर पहुंचा और किसी तरह ग्रामीणों को शांत कराया।

यह है पूरा मामला

बुधवार को मझगवां-सिलौंडी रोड पर तेजी से भागते ट्रेलर ने मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को मौके पर कुचल दिया। दर्दनाक हादसे में दोनों मोटरसाइकिल सवारों की मौके पर मौत हो गई थी। ग्रामीण इस बात को लेकर अड़े हुए थे कि रोड पर तेज रफ्तार भारी वाहन दिन रात दौड़ते रहते हैं लेकिन इनकी गति पर कोई भी लगाम नहीं है। जिसके कारण रोड पर आए दिन हादसे होते रहते हैं लेकिन पुलिस और प्रशासन का अमला वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रहा है। इस बात को लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों की मांग थी कि रोड पर बने अंधे मोड़ को सुधारा जाए और यहां पर ब्रेकर बनाया जाए ताकि वाहनों की गति पर लगाम लगाई जा सके। 

दोनों तरफ वाहनों की लग गई लंबी लाइन


ग्रामीणों द्वारा सड़क पर जाम लगाए जाने के कारण सिहोरा और मझगवां तरफ भारी वाहनों सहित बस और दुपहिया वाहनों की लंबी लाइन लग गई। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक पुलिस और प्रशासन का अमला मौके पर पहुंचकर उनकी मांगों को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता तब तक वह जाम नहीं खोलेंगे करीब 1 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही।


मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी, ग्रामीणों को दिया ब्रेकर बनाने का आश्वासन तब खुला जाम

जाम लगने की खबर लगते ही मझगवां थाने का पुलिस बल और तहसीलदार सिहोरा राकेश चौरसिया अमले के साथ मौके पर पहुंचे। जाम लगाए ग्रामीणों को तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द सड़क पर ब्रेकर बनाया जाएगा और अंधे मोड़ को सुधारने को लेकर एमपीआरडीसी के अधिकारियों को लिखित में जानकारी दी जाएगी। तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने जाम खोला।