Ticker

6/recent/ticker-posts

सिहोरा कृषि उपज मंडी में "सिंघाड़े" की कमजोर आवक 22900 रुपए प्रति क्विंटल मिला किसानों को अधिकतम मूल्य

सिहोरा कृषि उपज मंडी में "सिंघाड़े" की कमजोर आवक 
22900 रुपए प्रति क्विंटल मिला किसानों को अधिकतम मूल्य


सिंघाड़ा उत्पादक किसान बोले- इस साल कमजोर रही फसल, कम वर्षा और अधिक गर्मी के साथ साथ, बीमारी के प्रकोप के कारण सिंघाड़े की फसल पर पड़ा असर

सिहोरा

देश की सबसे बड़ी सिंघाड़ा मंडी कृषि उपज मंडी सिहोरा में सिंघाड़े (गोटी) की कमजोर आवक के साथ शुरुआत हुई। लगभग तीन माह की बात की जाए तो कृषि उपज मंडी सिहोरा में अभी तक 640 क्विंटल सिंघाड़ा (गोटी) की आवक हुई है। किसानों को 17205 रुपए न्यूनतम से लेकर 22900 प्रति क्विंटल अधिकतम मूल्य के भाव पर किसानों ने सिंघाड़े को बेचा।

कम बारिश और गर्मी ने प्रभावित की सिंघाड़े की फसल

कृषि उपज मंडी सिहोरा में खमतरा से सिंघाड़ा बेचने आए किसान बाल किशोर ने बताया कि इस साल बारिश कम होने और गर्मी के कारण सिंघाड़े की फसल का फूल मार खा गया था। जिसके कारण फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है। इसके अलावा बारिश कम होने के कारण तालाब सही तरीके से भर नहीं पाए यह भी सिंघाड़े की फसल पर मार का कारण बना। पनागर केवलारी से आए किसान रमेश बर्मन बताते हैं कि पिछले साल वह 3 क्विंटल सिंघाड़ा मंडी में बेचने के लिए लाए थे लेकिन इस साल सिर्फ 50 किलो ही सिंघाड़ा लेकर आए है। सिंघाड़े की फसल में बीमारी के कारण इस बार उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। क्रमशः यही बात अन्य किसानों ने भी बताई। 


17500 से 22900 प्रति क्विंटल का मिल रहा मूल्य

सिंघाड़े की फसल इस बार अपेक्षाकृत पिछले वर्ष के कम मंडी में पहुंच रही है। किसानों ने बताया कि मंडी में सिंघाड़े की फसल के अनुसार 17500 से लेकर 22900 रुपए प्रति क्विंटल तक का भाव मिल रहा है। हालांकि इस बार सिंघाड़ा की खरीदी में कृषि उपज मंडी में व्यापारियों की संख्या भी कम देखने को मिल रही है।

 कृषि उपज मंडी में सिंघाड़े की आवक

माह          आवक         न्यून./ अधि. मूल्य
नवंबर           1            17206/18000

दिसम्बर    230.75      19500/22900

जनवरी      409           16105/21800


( नोट- आंकड़े कृषि उपज मंडी से प्राप्त, आवक क्विंटल में, मूल्य रुपए में)


इनका कहना

पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष कृषि उपज मंडी में सिंघाड़ा (गोटी) की आवक कम हुई है इसका कारण बारिश कम होना, फसल में बीमारी लगना सामने आया है हालांकि किसानों को कृषि उपज मंडी में अधिकतम मूल्य सिंघाड़े का मिल रहा है।

सविता धुर्वे, सचिव कृषि उपज मंडी सिहोरा