Ticker

6/recent/ticker-posts

कार्यपालन यंत्री सहित तीन विभागों का कार्यालय, 30 से अधिक लोगों का स्टाफ सब के सब गायब

कार्यपालन यंत्री सहित तीन विभागों का कार्यालय, 30 से अधिक लोगों का स्टाफ सब के सब गायब

नर्मदा विकास विभाग के सिहोरा तहसील कार्यालय का मामला : बाहर धूप सेक रहे थे चपरासी, एसडीओ इंजीनियर और अकाउंटेंट के ऑफिस खाली

सिहोरा

छत पर धूप सेकते चपरासी। ऑफिस के अंदर एसडीओ और इंजीनियर के बंद पड़े चेम्बर और लेखापाल की खाली कुर्सी। यह नजारा है सिहोरा तहसील के नर्मदा विकास विभाग के कार्यपालन यंत्री के कार्यालय का, जहां 3 विभागों के कार्यालय के साथ-साथ 30 लोगों का स्टाफ है, लेकिन पूरा का पूरा ऑफिस वीरान पड़ा था। जानकारी लेने पर पता चला कि साहब फील्ड पर हैं, लेकिन फील्ड पर कहां गए हैं यह किसी को पता नहीं।

जानकारी के मुताबिक नर्मदा विकास विभाग के कार्यपालन यंत्री के कार्यालय में नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 4, 8 और 20, 21 के ऑफिस हैं। जहां पर सभी अधिकारी और कर्मचारियों को मिलाकर करीब 30 लोगों का स्टाफ है, लेकिन वहां पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। 

एसडीओ, इंजीनियर के खाली पड़े चेंबर, बाबू का भी अता पता नहीं

चार एसडीओ का कार्यालय और इंजीनियर होने के बावजूद मौके पर कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। यहां तक की विभाग के बाबू का भी कहीं अता पता नहीं था। धूप सेक रहे चपरासियों से जानकारी दी गई तो उन्होंने यही बताया कि साहब फील्ड पर गए हैं लेकिन सबसे अजीब बात तो यह है कि सारे विभागों के एसडीओ इंजीनियर क्या एक साथ फील्ड पर निकल गए। इस मामले को लेकर जब हमने कार्यपालन यंत्री अनिल तिवारी से बात करना चाहे तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया।

विभाग में आए दिन बनी रहती है ऐसी स्थिति, फील्ड का बहाना करके निपटाए जाते हैं निजी काम

जानकारों के मुताबिक नर्मदा विकास संभाग क्रमांक 4, 8 20 और 21 में पदस्थ जिम्मेदार अधिकारी फील्ड में जाने का बहाना बनाकर निजी काम में व्यस्त रहते हैं। विभाग में यही स्थिति लंबे समय से है लेकिन जबलपुर में बैठे इन के उच्च अधिकारी ना तो यहां पर कभी औचक निरीक्षण करते हैं ना ही इनके फील्ड पर कहां पर हैं इसकी जानकारी लेते।

क्या कहते हैं जिम्मेदार

काम के चलते विभागों के अधिकारी फील्ड वर्क के साथ-साथ जबलपुर भी किसी काम को लेकर गए होंगे। इसी कारण विभाग में कोई नहीं मिला।  फिर भी इस मामले की जानकारी कार्यपालन यंत्री को दी जाएगी।

रिजवान खान, असिस्टेंट इंजीनियर