हाड़कपाऊ ठण्ड से कांपे बच्चे,ठिठुरते हुये स्कूल पहुंचे

हाड़कपाऊ ठण्ड से कांपे बच्चे,ठिठुरते हुये स्कूल पहुंचे



धूप न निकलने पर मैदान में आग जलाई
शीतलहर से बच्चों की उपस्थिति ओर सेहत पर असर

सिहोरा

शीत लहर के साथ बर्फीली व हाड़कपाऊ ठंड से स्कूलों में बच्चे कांप उठे हैं।मंगलवार को शीतलहर की वजह से स्कूल विलम्ब से पहुंचे और धूप का इंतजार करते रहे किंतु दिनभर धूप नही निकली शीतलहर की वजह से क्लासरूम में बैठने के बाद भी बच्चों को ठण्ड लगती रही।शीतलहर से हुई ठंड में अपेक्षाकृत वृद्धि को देखते हुए शिक्षकों ने भी बच्चों के लिए आसपास लकड़ियों को एकत्रित किया फिर आग लगाई ,आग सेंकने के बाद ठण्ड से ठिठुरते बच्चों को थोड़ी राहत मिली। वर्तमान में  शीतलहर के कारण अत्यधिक ठंड पड़ रही हैं।आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

स्कूलों की दीवारें व फर्श ठंडे

इस संबंध में शिक्षकों के साथ-साथ बच्चों को उनके अभिभावकों ने बताया कि वर्तमान समय में बर्फीली ठंड की वजह से रात्रि में ओस रूपी बर्फ गिरने से स्कूल की छत के साथ साथ दीवारें व फर्श बर्फ के समान ठन्डे रहते हैं।फर्श पर बिजली डॉट पट्टी पर जब बच्चे बैठते हैं तो उन्हें फर्श बहुत अधिक ठंडा होता है,स्कूल की दीवारों पर टिकते ही बच्चे ठंड से कराह उठते हैं।
शीतलहर से बच्चों उपस्थिति व सेहत पर असर

शीतलहर से हाड़कपाउ ठंड का असर यह है बच्चे ठंड को सहन नही कर पा रहे हैं। शासकीय तथा अशासकीय विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। शासकीय स्कूलों में गरीब परिवारों के बच्चे पढ़ते हैं।उनके पास ऊनी स्वेटर  और गर्म कपड़े आदि की व्यवस्था नहीं है।जिसके कारण सरकारी स्कूलों में  शीतलहर के चलते बच्चे ठिठुरते हुए स्कूल आ रहे हैं।अधिक ठंड की वजह से  देखा गया है कि  अधिकांश बच्चों को सर्दी,जुकाम,सिर दर्द इत्यादि की  परेशानियां भी हो रही है। प्रतिकूल मौसम के प्रभाव को देखते हुए अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से परहेज कर रहे हैं।जिससे औसत उपस्थिति पर असर पड़ रहा है।
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