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शहरी क्षेत्र के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना की दस्तक

शहरी क्षेत्र के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना की दस्तक


सिहोरा में पुलिस कर्मी, मझौली में 55 वर्षीय वृद्ध कोविड-19 पॉजिटिव, दोनों को घर में किया आइसोलेट, स्वास्थ्य विभाग का अमला खंगाल रहा कांटेक्ट ट्रेसिंग 

सिहोरा/मझौली

शहरी क्षेत्र के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र में भी कोविड-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रोन ने पैर पसारना शुरू कर दिया है। सिहोरा और मझौली ब्लाक में शुक्रवार को कोविड-19 के दो लोगों के पॉजिटिव आने के बाद हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को घर में आइसोलेट कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग का अमला दोनों पॉजिटिव मरीजों की कॉन्ट्रैक्ट ट्रेसिंग में लगा हुआ। 



स्वास्थ्य विभाग से हासिल जानकारी के मुताबिक थाने में पदस्थ 49 वर्षीय पुलिसकर्मी की कोविड-19 रिपोर्ट शुक्रवार को पॉजिटिव आई। बीएमओ सिहोरा डॉक्टर दीपक गायकवाड के मुताबिक संबंधित पुलिसकर्मी को लगातार सर्दी जुखाम के चलते का 4 जनवरी को सिहोरा सिविल हॉस्पिटल में सैंपल लिया गया था। सैंपल की जांच के दौरान संबंधित पुलिसकर्मी की रिपोर्ट कोविड-19 पॉजिटिव आ गई। संबंधित पुलिसकर्मी को मौके पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर में ही आइसोलेट कर दिया है। इसके साथ ही पुलिसकर्मी के अन्य साथियों के सैंपल लिए गए। इसके साथ ही पुलिसकर्मी के परिजनों को भी होम आइसोलेट कर दिया गया है।

144 लोगों के लिए गए सैंपल

डॉक्टर दीपक गायकवाड बीएमओ सिहोरा ने बताया कि शुक्रवार को सिविल हॉस्पिटल सिहोरा में 54 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गोसलपुर में 63 और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां में 25 आरटीपीसीआर सैंपल लिए गए। इसके अलावा सिहोरा में दो आर ए टी सैंपल लिए गए।


मझौली में 55 वर्षीय वृद्ध की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

मझौली ब्लाक में एक 55 वर्षीय वृद्ध की कोविड-19 रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। बीएमओ डॉक्टर पारस ठाकुर के मुताबिक 55 वर्षीय वृद्ध लेबर का काम करता है जिसके सैंपल 4 जनवरी को सिहोरा सिविल हॉस्पिटल में लिए गए। वृद्ध की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अमले ने वृद्ध और उसके परिजनों को हो होम आइसोलेट कर दिया है।


मास्क को लेकर लोगों में अभी भी नहीं दिख रही गंभीरता

सिहोरा मझौली क्षेत्र में कोविड-19 के पॉजिटिव मरीज मिलने के बाद अभी भी लोगों में मास्क को लेकर गंभीरता नहीं दिख रही है। वही प्रशासन और पुलिस द्वारा न तो कहीं भी रोको टोको अभियान चल रहा है। साथ ही न ही कोई चालानी कार्रवाई हो रही है स्थिति यह है कि लोग बेफिक्र होकर भीड़ भाड़ में बगैर मास्क के खुलेआम घूम रहे हैं। दुकानों में भी क्रम से ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है न तो दुकानदार मास्क लगा रहे हैं न ही कोविड-19 का पालन कर रहे हैं स्थिति यह है कि कोविड-19 की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, हकीकत से कोसों दूर।

आखिर किस बात का इंतजार कर रहा है प्रशासन ? क्यों नहीं हो रही कड़ी कार्रवाई

जिस तरह से जबलपुर में दिन-प्रतिदिन कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़ रही है ऐसे में वह समय दूर नहीं जब सिहोरा में भी ऐसी ही विस्फोटक स्थिति बन जाएगी। जिस तरह से प्रशासन ने मेला कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। उसी तरह लोगों को कोविड-19 को लेकर सतर्क करने का काम भी प्रशासन का है।