दिन में धूप से राहत, शाम ढलते ही ठंड से आहत

दिन में धूप से राहत, शाम ढलते ही ठंड से आहत

यात्री व अपडाउनर्स ठंड से परेशान, ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं है अलाव की व्यवस्था

सिहोरा

लगातार तीन दिनों से चल रही शीतलहर व हाड़ कपाऊ वाली ठंड  से बुधवार को भी  लोग काँप उठे। धूप निकलने पर ही लोगों की हिम्मत घर से बाहर निकलने की हो सकी। मौसम का मिजाज दिनों-दिन ठंडा होता जा रहा है। आसमान में बादलों की दस्तक व सर्द हवा से ठंड में इजाफा होता जा रहा है। रात में आसमान से बरसी बर्फीली ठंड व सुबह की शीतलहर से बढ़ी ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए।
सुबह धूप निकलने के बाद दिन में ठंड से हल्की राहत जरूर मिली परन्तु शाम ढलते ही ठंड से लोग ठिठुर गए। गलाव वाली शीतलहर से बढ़ी ठंड के सामने खिली धूप लाचार नजर आई। ठंड से राहत पाने को लोग धूप में बैठे रहे। लेकिन शीतलहर से लोग जमकर ठिठुरते रहे। वर्तमान में पड़ रही गलाव वाली शीतलहर से लोग कांपने को विवश हैं। पिछले दिनों ठंड की गति काफी मंद था लेकिन अब शीतलहर के साथ सर्दी ने रफ्तार पकड़ लिया है। शीतलहर के कारण सुबह घर से बाहर निकलने वाले स्टैंडों पर काम के लिए जाने लोगों, अपडाउनर्स को व रेलवे स्टेशनों पर पहुंचे यात्रियों को कड़ाके की ठंड की वजह से परेशानियां झेलनी पड़ रही है। तिराहों-चौराहों पर खड़े लोग भी चाय की भट्टियों से चिपके रहेे। शीतलहर से बढ़ी ठंड के चलते शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लग जा रहा है। 
    दिन भर सर्द हवा चलने से ठंड का सितम बढ़ता जा रहा है। सर्दी के मौसम में बाजारों में चाय-काफी,  व चाट की बिक्री बढ़ गई है। रेलवे स्टेशनों पर ठंड के बीच ट्रेन का इंतजार करने वाले यात्री चाय का सहारा लेते हुए ठंड से राहत महसूस कर रहे हैं।

 नहीं है अलाव की व्यवस्था

गांधीग्राम से जुड़े हुए आसपास के 10 से 15 गांव के लोग गांधीग्राम आकार नियमित रूप से जबलपुर की यात्रा करते हैं।इनमें मुख्य रूप से कर्मचारी, अप डाउनर्स, पान कृषक, आदि जब यह सुबह के वक्त गांधीग्राम आते हैं तो यहां पर कूड़ा कंजई तिराहा,बस स्टैंड आदि में अलाव की व्यवस्था नहीं रहती। लोग ठंड में  ठिठुरते रहते हैं ।लोगों का ग्राम पंचायत से निवेदन है कि ठंड के मिजाज को देखते हुए सुबह वह रात्रि के समय अलाव की व्यवस्था की जावे जिससे लोग राहत महसूस कर सकें।
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