निजी दुकानों में डेढ़ से दोगुना दाम पर मिल रही यूरिया

निजी दुकानों में डेढ़ से दोगुना दाम पर मिल रही यूरिया

निजी कृषि दुकान को कारण बतायो नोटिस


सिहोरा

रबी के सीजन में हर साल की तरह इस बार भी यूरिया की कालाबाजारी शुरू हो गई है। किसानों को दोगुना भाव में यूरिया खरीदना पड़ रहा है। कई खाद-बीज विक्रेता किसानों पर यूरिया के साथ अन्य दवाइयों के प्रोडक्ट खरीदने का दबाव भी बना रहे हैं। फसल को बचाने की मशक्कत में जुटा किसान मजबूर होकर महंगे दामों पर यूरिया खरीद रहा है। हालांकि अफसर कहीं भी यूरिया की कालाबाजारी होने की बात से इंकार कर रहे हैं।

ज्ञात हो पंजीकृत किसानों को तो सहकारी समितियों से यूरिया मिल रहा है लेकिन ऐसे किसान जो समितियों में पंजीकृत नहीं हैं उन्हें यूरिया की एक-एक बोरी के लिए भटकना पड़ रहा है। किसानों की इसी लाचारी का फायदा खाद-बीज विक्रेता उठा रहे हैं। यूरिया की जमकर कालाबाजारी हो रही है कहीं 320 रुपये तो कहीं 400 रुपये बोरी तक यूरिया की कीमत वसूली जा रही है जबकि 45 से 50 किलो की यूरिया की बोरी की निर्धारित कीमत 267 रुपये है। ऐसा नहीं है कि खाद-बीज दुकानों पर चल रही इस तरह की अनियमितता की जानकारी अधिकारियों को नहीं है।

कृषि विभाग की टीम द्वारा समय-समय पर खाद- बीज विक्रेताओं को शिकायत मिलने पर नोटिस दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके यूरिया की कालाबाजारी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है शहर हो या ग्रामीण क्षेत्रों की खाद-बीज दुकानें हर जगह यूरिया लेने के लिए पहुंचने वाले किसान से दो गुना दाम वसूले जा रहे हैं। जो दुकानदार किसानों को वास्तविक कीमत पर यूरिया दे रहे हैं वे यूरिया के साथ अन्य खाद खरीदने की शर्त रख रहे हैं।

इनका कहना

यूरिया की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लि लगातार मानी किसानों से अपी 7/8 लिखित में विभाग को शिकायत करें विभाग द्वारा तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

मनीषा पटेल, अनुविभागीय कृषि अधिकारी सिहोरा
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