कोरोना गाइडलाइन का पालन न करते हुए.. विरोध कर मास्क स्वैच्छिक है, नो मास्क, नो वैक्सीन, टीका नहीं लगवाएंगे के नारे लगाते... प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने किया केस दर्ज


WEE NEWS रायपुर। छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच राजधानी रायपुर में कुछ लोग कोरोना गाइडलाइन्स का विरोध कर मास्क ना लगाने के नारे लगते नजर आए। मिली जानकारी के अनुसार कुछ लोग भीड़ इकठ्ठा कर रायपुर के धरना स्थल पर जमा होकर नो मास्क, नो वैक्सीन का नारा लगाते नजर आए।

बता दें कि, इन लोगो के हाथ में तख्तियां भी थी। इन तख्तियों में लिखा था कि, मास्क स्वैच्छिक है, नो मास्क, नो वैक्सीन, टीका नहीं लगवाएंगे। इसके साथ ही कुछ लोगो की तख्तियों में सरकार के विरोध में लिखा था कि, हमारा शरीर हमारा है सरकार का नहीं। इन तख्तियों में सरकार के साथ-साथ मीडिया पर भी प्रहार किया गया है। इन तख्तियों में कहा गया कि टीवी मीडिया ही कोरोना है, कोरोना सिर्फ सामान्य सर्दी खांसी है।

एक तरफ जहां देश-दुनिया के विशेषज्ञ और वैज्ञानिक कोरोना से निपटने के लिए कोशिश कर रहे है ऐसे में रायपुर में पूरी दुनिया में चल रहे नारे और कोरोना अभियान के विपरीत मास्क ना पहनने और टीका ना लगवाने का नारा लगा रहे है। बता दें की अबतक छत्तीसगढ़ में 13 हजार लोगो ने कोरोना की वजह से जान गंवाई है। इन सबके बावजूद राजधानी में यह कहना कि कोरोना टीवी मीडिया द्वारा फैलाया गया भ्रम है।
रायपुर के धरना स्थल के पास टी-स्टॉल लगाने वाले एक युवक की शिकायत पर पुलिस ने IPC की धारा 149 के तहत इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही महामारी नियमों का उल्लंघन और जानबूझकर बीमारी फैलाना लोगों के लिए खतरा खड़ा करने की धारा 269 और 270 के तहत 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इन पांच अपराधियों के नाम है, डॉ सुशन राज, दीपक सरवान, नरेंद्र गुप्ता, दुष्यंत कुमार और रानू ब्रम्ने हैं।


शिकायतकर्ता ने बताया कि ये लोग पोस्टर लिए थे जिनमें लिखा था:

जबरन टीकाकरण बंद करो
कोरोना महामारी या महा साजिश
मेरा शरीर मेरा अधिकार
कोरोना एक षडयंत्र है
बता दें विरोध प्रदर्शन कर रहे भीड़ में किसी ने भी मास्क नहीं पहना था। इन लोगों को धरना से हटाने की कोशिश करने पर ये विवाद पर उतर आए हालांकि कुछ देर बाद ये सभी लोग धरना स्थल छोड़कर चले गए। अब पुलिस इन गैर जिम्मेदार लोगों की तलाश कर रही है।
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