दलालों से त्रस्त दलितों ने किया SDM कार्यालय का घेराव

दलालों से त्रस्त दलितों ने किया SDM कार्यालय का घेराव

मध्यप्रदेश सरकार के भोपाल में बैठे मंत्रीगण भले ही आदिवासियों की हितों और कल्याण को लेकर ढोल नगाड़ा पीटते नज़र आते हो लेकिन उन्हीं की शिवराज सरकार के नाक के नीचे राजस्व अधिकारी और पटवारी अब दलालों के लिए काम करते नज़र आ रहे है,
यह आरोप आदिवासियो का है...

जबलपुर की सिहोरा तहसील में एक ऐसा ही मामला सामने आया है,

जहां अक्रोशित आदिवासियों ने भ्रष्ट राजस्व विभाग के खिलाफ़ नारेबाज़ी की और अपने न्याय के लिए सरकार से मदद की गुहार डाली है।
दरअसल पूरा मामला सिहोरा के वार्ड क्रमांक 01 में स्थित खसरा नम्बर 510 (मनसकरा) का है , यहां दिनांक 11/01/2022 को पटवारी जयकरण पटेल और उनके सहयोगियों द्वारा किये गये सीमांकन से समस्त वार्ड निवासी संतुष्ट नहीं है,उनका कहना है कि इस ज़मीन का सीमांकन विधिवत नियमानुसार नहीं किया गया है , इसके साथ वन विभाग एवं जेल प्रशासन की 522/1 की शासकीय भूमि को भी निजी भूमि बताकर सीमांकन किया गया है।

आदिवासियों का आरोप है कि पटवारी जयकरण पटेल एकदम भ्रष्ट पटवारी है जो दलालों और रसूखदारों से पैसे लेकर उनका काम कर रहे है और स्थानीय आदिवासियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है।
यहां पर वन विभाग की शासकीय भूमि पर नर्सरी का रोपण किया गया था एवं उपरोक्त शासकीय भूमि 522/1 का वार्ड वासियों को गरीबी रेखा के तहत रहवासी पट्टे भी प्रदान किये जा चुके है। इसके बावजूद भी उपरोक्त को निजी भूमि बताकर सीमांकन किया गया है।

खसरा नम्बर 510 मनसकरा में लगभग 300-400 घर बिगत 35 से 40 वर्षों से बने हुए हैं और वर्तमान में भी लोग निवासरत है।

उपरोक्त भूमि पर शासन / नगरीय प्रशासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अनेको घर बनाये जा चुके हैं साथ ही सी.सी. रोड, नाली निर्माण, विद्युत व्यवस्था, 06 हेडपम्प, बोर, जल पाइप लाइन, नर्मदा पाइप लाईन, नगर पालिका का शासकीय बोर आदि अनेकों सुविधाएँ जब मिल जा चुकी है
स्थनीय लोगो का कहना है कि इस भूमि पर काबिज लोग बिगत 30-40 वर्षों से टैक्स भी जमा करते आ रहे है। 
 यह हरिजन और मुस्लिम समुदाय बस्ती है जिसमें अधिकांश अति गरीबी और गरीबी रेखा
वाले लोग निवासरत है।
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