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25 नहीं 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से हो गेहूं का पंजीयन

25 नहीं 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से हो गेहूं का पंजीयन
5 सूत्री मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन ने कलेक्टर के नाम से हुए एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

सिहोरा

विगत वर्षों में गेहूं और धान का शासकीय उपार्जन (खरीदी) 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से होती थी, लेकिन इस वर्ष शासन ने इसे 25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर कर दिया है। जो किसानों के साथ बहुत बड़ा छलावा है। ऐसे में कृषकों को बहुत ज्यादा कठिनाई होगी अतः इसको पूर्व की तरह 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर किया जाए। यह बात भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष रमेश पटेल ने सोमवार को 5 सूत्री मांगों को लेकर किसानों के साथ कलेक्टर के नाम से हुए एसडीएम आशीष पांडे को ज्ञापन सौंपते हुए कही।

ज्ञापन में बताया की सिकनी बटाईदार किसानों से पंजीयन में नोटराइज्ड स्टांप मांगा जा रहा है, जो कि मध्य प्रदेश भू राजस्व संहिता के नियम के विपरीत है जो व्यवस्था शासन द्वारा की गई थी उसे तत्काल समाप्त किया जाए एवं किसानों को शोषण से बचाया जाए। बिजली कंपनियों एवं ऊर्जा विभाग द्वारा विद्युत दर बढ़ाए जाने का प्रस्ताव दिया गया है जो कि पूर्णता अनुचित है, उसे तत्काल वापस लिया जाए। कृषि उपज मंडी सिहोरा में किसानों से उपज विक्रय के भुगतान की मुद्दत व्यापारियों द्वारा काटे जाने से रोका जाए। यदि कोई व्यापारी इस कृत्य में संलिप्त पाया जाता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। लहरों में सुधार कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए एवं नए निर्माण का कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ हो। ज्ञापन सौंपते समय विनय पटेल,अनिल पटेल, ओम प्रकाश पटेल, मनीष पटेल, रवि पटेल, प्रवीण पटेल, जितेंद्र कुर्मी, सुरेंद्र पटेल सुनील पटेल संदीप पटेल तुलसी पटेल, राजेंद्र पटेल, गोकुल पटेल, राजेश कुमार चौबे, वीरेंद्र कुमार पटेल के साथ बड़ी संख्या में सिहोरा और मझौली तहसील के किसान शामिल थे।