कहीं कम कहीं बिलकुल नही पहुँचे बच्चे असमंजस में अभिभावकों ने बच्चों को भेजा स्कूल

कहीं कम कहीं बिलकुल नही पहुँचे बच्चे
 असमंजस में अभिभावकों ने बच्चों को भेजा स्कूल
सिहोरा

मध्य प्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देश के परिपालन में कक्षा 1 से  12 वीं  तक की समस्त कक्षाएं 50 प्रतिशत क्षमता के साथ 1 फरवरी से  मंगलवार से लगने के आदेश जारी किए गए थे। मोबाइल व मेसेज के माध्यम से सूचना  शिक्षकों ने छात्रों के अभिभावकों को सोमवार की शाम को छात्रों को दे दिये थे। जबकि दिनांक 14 जनवरी से 31 जनवरी 2022 तक कोविड-19 संक्रमण की तीसरी लहर को दृष्टिगत रखते हुए पूर्णता बंद किए गए थे।18 दिनों बाद 1 फरवरी से 50% क्षमता के साथ कक्षा 1 से 12 तक की कक्षाएं पुनः प्रारंभ हुई।
 कोरोना के कारण बन्द स्कूलों में  इस दौरान कई स्‍कूलों में उत्‍सव जैसा माहौल था स्‍कूल आए बच्‍चों की खुशी का ठिकाना नहीं था घर में कई दिनों का समय बिताकर बोर हो चुके बच्‍चों की स्‍कूल के गेट में सहपाठियों से मुलाकात हुई तो चेहरों पर पहले जैसी खुशी लौट आई, हालांकि स्कूल खुलने पर एक फरवरी के पहले दिन आने वाले बच्‍चों की संख्‍या अपेक्षाकृत कम रही।कई स्कूलों में तो बच्चे पहुंचे ही नही।
स्कूल खुलने के पहले पहुंच गए बच्चे

संकुल केन्द्र गांधीग्राम के अंतर्गत आने वाली एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला गांधीग्राम में स्कूल लगने की जानकारी पर लगभग 10 बजे से ही  बच्चे पहुंच गए।हालांकि शासन ने अपने आदेश में कहा है कि ऑनलाइन कक्षाओं को पूर्ववत संचालित किया जाएगा।हालांकि वर्तमान समय मे ठण्ड सर्दी के इस मौसम में बच्चों को सर्दी जुकाम के साथ साथ, वायरल फीवर  भी हो रहा है।इसके चलते अपेक्षाकृत अभिभावकों की मंशा बच्चों को स्कूल भेजने की नही है।
कई अभिभावकों का कहना है कि प्रायमरी व मिडिल स्कूल के बच्चों के लिए जब तक वेक्सीनेशन नही हो जाता तब तक शासन को स्कूल नही लगाना चाहिए।कई अभिभावकों का कहना है कि कोविड संक्रमण की दर में कमी आई है पर खतम नही हुई।इसीलिए बच्चों के स्वास्थ्य के साथ रिस्क लेना उचित प्रतीत नहीं होता।

इनका कहना 

कक्षा 1 से 12 तक बच्चों की कक्षाओं को 50 प्रतिशत क्षमता के साथ कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए लगाना हैं।सर्दी जुकाम या फीवर से पीड़ित बच्चों को नहीं बिठाना है।
अशोक उपाध्याय, बीईओ सिहोरा
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