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दबंगों ने शासकीय गौशाला की बाउंड्रीवाल तोड़कर कर लिया कब्जा,

दबंगों ने शासकीय गौशाला की बाउंड्रीवाल तोड़कर कर लिया कब्जा, दमदारी से कर रहे खेती, महिला स्व सहायता समूह पर दर्ज करा दिया मुकदमा
सिहोरा तहसील की ग्राम पंचायत बेला का मामला : स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कब्जा हटाने एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन


सिहोरा

एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए गौशालाओं का निर्माण करा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शासकीय गौशाला बनने के बाद दबंग गौशाला की चारागाह को नष्ट कर उस पर कब्जा करने पर उतारू हैं। इतना ही नहीं दबंगों ने चारागाह की बाउंड्री वाल नष्ट करने के बाद उस पर कब्जा भी कर लिया है और दमदारी के साथ खेती कर रहे हैं। संबंधित गौशाला का संचालन करने वाली स्व सहायता समूह की महिलाएं इसको लेकर बेहद परेशान है। पूरा मामला सिहोरा तहसील की ग्राम पंचायत बेला का है। दबंगों की दबंगई से परेशान होकर महिलाओं ने शुक्रवार को एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार राहुल मेश्राम को ज्ञापन सौंपकर दबंगों का कब्जा हटाने की गुहार लगाई है। 

ये है पूरा मामला

ग्राम पंचायत बेला के प्रधान सुभाष पटेल के साथ पहुंची श्वेता स्व सहायता समूह आजीविका मिशन की किरण पटेल, सुधा बाई, फूलवती बंदवती ने बताया कि शासकीय खसरा नंबर 57/1 पर ग्राम पंचायत द्वारा चारागाह का चारा बोया गया था। 17 जुलाई 2021 को जिसकी तार बाउंड्री तोड़कर सोनेलाल, प्रकाश और नीरज ने बोए गए चारे को नष्ट कर दिया। जिसका प्रकरण तहसीलदार न्यायालय में चल रहा है। दबंगों ने चारागाह में लगे चारे को नष्ट करने के बाद उस पर कब्जा कर खेती करने लगे हैं, जबकि उक्त भूमि पर स्थगन आदेश है। इन्हें रोकने पर दबंगों ने उनके समूह के ऊपर 107, 16 का मुकदमा दर्ज करा दिया।
कब्जा हटाकर की जाए उचित कार्यवाही

समूह की महिलाओं ने बताया कि हम लोग पिछले एक वर्ष से गौशाला का संचालन कर रहे हैं इसको लेकर हमारा ग्राम पंचायत से अनुबंध है। चारा बोकर हमने गायों को एक वर्ष तक खिलाया है। दबंगों के कब्जा करने से गायों को चारा नहीं मिल पा रहा है। उपरोक्त दबंगों से कब्जा हटवा ते हुए उन पर उचित कार्यवाही की जाए।


नहीं कर पाएंगे गौशाला का संचालन आमरण अनशन की चेतावनी

समूह की महिलाओं ने नायब तहसीलदार राहुल मेश्राम को बताया कि अगर चारागाह की जमीन पर हुए कब्जे को तत्काल नहीं हटाया गया तो वे गौशाला का संचालन नहीं कर पाएंगे। संबंधित ग्राम पंचायत ने इस मामले को लेकर जो भी कार्रवाई की थी उसकी छाया प्रति भी महिलाओं ने नायब तहसीलदार को सौंपी। महिलाओं ने कहा कि पूरे मामले का निराकरण न होने पर जिला श्वेता आजीविका मिशन संगठन की महिलाएं आमरण अनशन के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी।