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सिहोरा जिला आंदोलन को मिला अधिवक्ता संघ का साथलक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का बीसवाँ धरना

सिहोरा जिला आंदोलन को मिला अधिवक्ता संघ का साथ
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का बीसवाँ धरना
सिहोरा

 सिहोरा को जिला बनाए जाने की मांग को लेकर विगत पाँच माहों से चल रहे आंदोलन में अधिवक्ता संघ सिहोरा के शामिल होने से आंदोलन को नई गति मिल गई।रविवार को हुए बीसवें धरने में अधिवक्ता संघ सचिव संजय सिंह सेंगर के नेतृत्व में दर्जनों अधिवक्ताओं ने जिला आंदोलन के धरने में पहुँच समिति के साथ जिला बनने तक आंदोलन में साथ रहने की घोषणा की।

सिहोरा की हुई उपेक्षा

अधिवक्ता संघ के सचिव संजय सिंह सेंगर ने अपने उद्बोधन में कहा कि सिहोरा को वर्ष 2001 में जिला बन जाना था।पहले कांग्रेस फिर भाजपा के मुख्यमंत्रियों द्वारा सिहोरा जिला घोषित किया गया।उन्होंने कहा कि राजनैतिक दलों द्वारा सिहोरा जिला मुद्दे का राजनीतिकरण करने के कारण सिहोरा आज तक जिला नही बन सका।दोनों मुख्य दलों द्वारा केवल व्यक्तिगत हित साधे गए है।

तुम्हे दिया है तुम्ही से लेंगे

 लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति सिहोरा ने एक बार पुनः दोहराया कि सिहोरा की जनता ने लगातार 18 वर्षो से भाजपा को नगर,विधानसभा,लोकसभा की सत्ता सौंपी।पिछले 18 वर्षों से प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनने में सिहोरा की एक सीट का मुख्य योगदान रहा परंतु भाजपा ने सदैव सिहोरा के हितों की अनदेखी की।समिति ने"तुम्हे दिया है तुम्ही से लेंगे,जिला सिहोरा अबकी बार" नारे को गुंजायमान करते हुए वर्तमान सरकार से हर हाल में जिला सिहोरा पाने का संकल्प दोहराया।
         सिहोरा जिला धरने में अधिवक्ता संघ के सचिव संजय सेंगर,अजय किशोर तिवारी,राकेश ठाकुर,पुष्पराज अग्रवाल,अभिजीत पाठक,राजेश रजक,मनोज दुबे,प्रदीप शुक्ला सहित समिति के नंद कुमार परौहा,रामलाल साहू,अखिल नायक,ए के शाही, विकास दुबे,सुशील जैन,मानस तिवारी,सियोल जैन,अमित बक्शी,नत्थूलाल पटेल,रामजी शुक्ला,पन्नालाल झारिया,सचिन पांडे सहित सैकड़ों सिहोरावासी मौजूद रहे।