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जनपद पंचायत सिहोरा के उपयंत्री बिना लेनदेन के नहीं कर रहे कोई काम

जनपद पंचायत सिहोरा के उपयंत्री बिना लेनदेन के नहीं कर रहे कोई काम

केंद्र और राज्य सरकार की हितग्राहीमूलक योजनाओं में लगा रहे पलीता


हितग्राही होते रहते हैं परेशान जिम्मेदार अधिकारी मौन


सिहोरा


सिहोरा जनपद पंचायत सिहोरा के अंतर्गत निर्माण कार्यों के मूल्यांकन निरीक्षण सहित अनेक विभागीय कार्यों के लिए संविदा के तहत कई वर्षों से पदस्थ उपयंत्रीगण विभागीय कार्यों में अरुचि के चलते आम जनता इनकी कार्यप्रणाली से भारी असंतुष्ट है।
     
      गौरतलब है कि जनपद पंचायत के अंतर्गत होने वाले विकास कार्यों में प्रमुख रूप से मनरेगा के तहत तालाब की खुदाई, मेड बंधान, प्रधानमंत्री आवास का मूल्यांकन और गुणवत्तापूर्ण निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सहायक यंत्री को प्रेषित कर हितग्राही एवं मजदूरों को उनकी मजदूरी का  भुगतान कराना अनिवार्य सेवा के तहत  किया जाना है, लेकिन काफी समय से देखा जा रहा है संविदा के तहत पदस्थ उपयंत्री  गण ग्राम पंचायतों के अंतर्गत किए जा रहे विकास कार्य और प्रधानमंत्री आवास, तालाब निर्माण, मेढ़ बंधान, अधूरे पड़े हुए हैं। जिनको लेकर उपयंत्री बिल्कुल भी गंभीर नहीं हैं। ग्राम विकास को लेकर किए जा रहे हैं  केंद्र सरकार एवं प्रदेश सरकार की हितग्राहीमूलक योजनाओं को पलीता लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। उपयंत्री गण निरीक्षण के नाम पर  गुणवत्ता को प्राथमिकता न देकर ग्राम में खेतों की मेढ़ पर बैठकर मूल्यांकन सहित दूसरे कार्य में लगे रहते हैं। 
          विदित हो कि संविदा के तहत जनपद पंचायत में पदस्थ उपयंत्री की संपत्ति आय से कई गुना अधिक  फल फूल रही है।  इनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का  ज्वलंत उदाहरण नजर आ रहा है,जबकि प्रधानमंत्री आवास के अधूरे पड़े हुए हैं। निर्माण कार्य को पूरा कराने में रुचि नहीं ले रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास की पहली दूसरी तीसरी किस्त हितग्राही को दिलवाने के पहले सरपंच, सचिव और उपयंत्री अपना हिस्सा मांगने से नहीं चूक रहे हैं। शायद ही कोई ग्राम पंचायत में ऐसा हितग्राही  बचा हो जिसने बिना पैसे दिए अपना आवास पूर्ण कराया हो।