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अड़ियल रवैया छोड़ सिहोरा को जिला बनाए सरकार

अड़ियल रवैया छोड़ सिहोरा को जिला बनाए सरकार
सत्ता पक्ष की चुप्पी से सिहोरावासियों में पनप रहा आक्रोश
उन्नीसवें रविवार भी जारी रहा आंदोलन
सिहोरा

 सिहोरा को जिला बनाने की बात को लेकर विगत अक्टूबर माह से सिहोरा में अनेक प्रकार से धरना प्रदर्शन किया जा रहा है परंतु सत्ता पक्ष के संगठन और सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया आज तक सामने नही आई।सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के इस अड़ियल रवैये से सम्पूर्ण सिहोरा में  आक्रोश पनप रहा है।साथ आओ सिहोरा जिला बनाओ अभियान के तहत गाँव गाँव में भी सरकार के प्रति आक्रोश है।
             विदित हो कि सिहोरा को जिला बनाने के लिए पिछले अक्टूबर 2021 से निरंतर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है।इस दौरान सिहोरा को जिला बनाने हेतु संघर्षरत आंदोलनकारियों ने खून के दिये जलाए,खून से मुख्यमंत्री और राज्यपाल को पत्र लिखा।साथ ही सिहोरा जिला सिहोरावासियों की जनभावना है इसे सामने लाने के लिए जनमत संग्रह कराया गया जिसमें 98 फीसदी लोगो ने सिहोरा जिला के पक्ष में अपना मत दिया।

साथ आओ सिहोरा जिला बनाओ अभियान

सिहोरा जिला आंदोलन को विस्तारित करने के लिए समिति ने साथ आओ सिहोरा जिला बनाओ अभियान शुरू किया है जिसमें गांव गांव तक पहुँच आंदोलन की अलख पहुंचाई जा रही है।समिति ने विगत दिवस लमकना,हरसिंगी,फनवानी,नुंजी,प्रतापपुर, मझगवाँ और खितौला खम्परिया ग्रामों में नुक्कड़ सभाएँ कर सिहोरा जिला हेतु जनसमर्थन जुटाया है।

लोकतंत्र का अपमान

लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति सिहोरा के धरने को संबोधित करते हुए नागेंद्र क़ुररिया ने कहा कि धरने की सूचना होने के बाद भी सत्तारूढ़ विधायक और सरकार द्वारा कोई सुध न लेना लोकतंत्र का अपमान है।

पाटन विधायक की चर्चा पाटन

 विधायक अजय विश्नोई द्वारा कटंगी और पोंडा को तहसील बनाने के लिए विगत दिवस की गई वाहन रैली और सरकार के मंत्री के समक्ष प्रदर्शन और ज्ञापन की सिहोरा जिला धरना में लगभग सभी वक्ताओं ने चर्चा की।वक्ताओं का तर्क था कि जब अजय विश्नोई अपने क्षेत्र की कटंगी और पोंडा को तहसील बनाने की मांग कर सकते है तो सिहोरा विधायक क्यो नही?वक्ताओं ने विधायक सिहोरा को पाटन विधायक से सीख लेने की बात भी कही।

सरकार को चेतावनी

 समिति सदस्यों ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सिहोरा की जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि उन्हें जनता की भावनाओ के अनुरूप सकारात्मक कदम उठाना चाहिए वर्ना भविष्य में जनता इस अनदेखी का हिसाब करेगी।
          उन्नीसवें धरने में नागेंद्र क़ुररिया,नंदकुमार परौहा, रामजी शुक्ला,रामलाल साहू,ए के शाही, अनिल जैन,विकास दुबे,मानस तिवारी,अजय शुक्ला,सियोल जैन,गुड्डू कटैहा,रामनरेश यादव,प्रमोद सोनी,गुड्डू पांडे,विनोद बागरी,सोनू दुबे,मुकेश दीक्षित,रामसुजान,नत्थू पटेल,राजा भैया दुबे सहित अनेक सिहोरावासी मौजूद रहे।