सिहोरा में गेहूं उपार्जन के लिए कराये गये20 फर्जी पंजीयन निरस्त

सिहोरा में गेहूं उपार्जन के लिए कराये गये
20 फर्जी पंजीयन निरस्त

किसानों की आड़ में गेहूं उपार्जन कराने के लिए सिहोरा तहसील में कराये गये 20 पंजीयन सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान फर्जी पाये जाने पर निरस्त कर दिये गये हैं। उपार्जन की प्रक्रिया का अनुचित लाभ उठाने के लिए फर्जी पंजीयन कराने वाले सभी व्यक्तियों पर वैधानिक कार्यवाही की जायेगी।
एसडीएम सिहोरा आशीष पांडे के मुताबिक कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा के निर्देशानुसार सिहोरा तहसील में राजस्व विभाग के अमले द्वारा गेहूं उपार्जन के लिए कराये गये पंजीयनों का सूक्ष्मता से सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन की प्रक्रिया 31 मार्च तक जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि सत्यापन के दौरान सिहोरा तहसील में अभी तक 62.02 हेक्टेयर रकवा पर राये गये 52 पंजीयनों को निरस्त किया जा चुका है। इनमें फर्जी पंजीयन के 20 प्रकरण भी शामिल है।
एसडीएम सिहोरा ने बताया कि सत्यापन में पकड़े गये फर्जी पंजीयनों में से कई पंजीयन फर्जी सिकमीनामा बवनाकर करा लिये गये थे। इसी तरह कुछ मामलों में खाली पड़े खेतों पर गेहूं की फसल बताते हुए पंजीयन करा लिया गया था। एसडीएम सिहोरा के अनुसार सत्यापन के दौरान ग्राम शाहगढ़ नेंगई में निशांत पिता दिलीप जैन ने 5 हेक्टेयर, सुखदेव पिता किशनलाल पटेल ने 1.40 हेक्टेयर एवं निशी पति मनीष जैन ने 0.46 हेक्टेयर का फर्जी सिकमी लेकर पंजीयन कराया था। इसी प्रकार ग्राम घाटसिमरिया में संजय पिता सुरेश कुर्मी ने 2.76 हेक्टेयर, मनीष कुमार पिता प्रकाश कुमार श्रीवास्तव ने 1.05 हेक्टेयर एवं जीवनलाल पिता गोविंद 0.66 हेक्टेयर का बिना सिकमी के फर्जी पंजीयन करा लिया था। ग्राम किवलारी में शंकरलाल पिता गेंद सिंह ने 0.42 हेक्टेयर एवं रानू पिता रामकुमार कुर्मी ने 2.95 हेक्टेयर पर मृत भूमिस्वामी का फर्जी सिकमीनामा बनाकर पंजीयन कराया। तथा जांच ग्राम फनवानी में मुकेश एवं मैनाबाई ने 0.70 हेक्टेयर का, कमलेश एवं सागर ने 0.13 हेक्टेयर का, सतीश एवं कोदूलाल चौबे ने 0.46 हेक्टेयर का, प्रदीप चौबे ने 0.46 हेक्टेयर रिक्त भूमि का फर्जी पंजीयन कराया था।
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