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प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना को पलीता लगा रहे अधिकारी

प्रदेश सरकार की महत्वकांक्षी योजना को पलीता लगा रहे अधिकारी

चार माह से बनकर तैयार खड़ी गौशाला, उपयंत्री को मूल्यांकन की फुर्सत नहीं

जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत झांसी का मामला : आदिवासी महिला सरपंच विधायक, जनपद सीईओ तक लगा चुकी है गुहार 


सिहोरा 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश को सुरक्षित रखने बजट में नवीन गौशाला निर्माण की घोषणा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ जबलपुर जिले की जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत झांसी में चार माह से बनकर तैयार खड़ी नवीन गौशाला का मूल्यांकन तक नहीं हुआ। विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सरकार की महत्वकांक्षी योजना को पलीता लगा रहे हैं। आदिवासी महिला सरपंच ने गौशाला के मूल्यांकन के लिए विधायक से लेकर जनपद पंचायत सिहोरा की सीईओ तक गुहार लगाई, लेकिन विभाग के जिम्मेदार उपयंत्री के पास इतनी फुर्सत नहीं कि वह गौशाला का मूल्यांकन करे। 


मुख्यमंत्री गौ सेवा योजना के अंतर्गत महात्मा गांधी रोजगार गारंटी मद के तहत जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायत झांसी में वर्ष 2020 में 37.84 लाख से गौशाला स्वीकृत हुई थी। गौशाला निर्माण की एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया गया था। नवंबर 2021 में एक एकड़ क्षेत्र में गौशाला बनकर पूरी तरह तैयार हो गई। जिसका मूल्यांकन जनपद पंचायत के उपयंत्री पंकज श्रीवास्तव को करना था। महिला सरपंच ममता बाई कोल ने उपयंत्री से गौशाला का मूल्यांकन करने के लिए कई बार कहा लेकिन उपयंत्री हर बार मूल्यांकन करने की बात कहकर टालता रहा। सरपंच के मुताबिक गौशाला के निर्माण में लगी सामग्री, रेत, गिट्टी, सीमेंट, लोहा, ईट की राशि भुगतान के लिए दुकानदार लगातार दबाव बना रहे हैं, लेकिन मूल्यांकन नहीं होने से भुगतान ग्राम पंचायत के पास नहीं आ रहा। 

विधायक और जनपद सीईओ तक लगाई गुहार

आदिवासी महिला सरपंच के मुताबिक करीब चार माह का समय बीतने के बावजूद उपयंत्री ने गौशाला का मूल्यांकन नहीं किया। जिसको लेकर उसने सिहोरा विधायक और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तक गुहार लगाई। इसके बावजूद आज तक उपयंत्री ने गौशाला का मूल्यांकन नहीं किया। आदिवासी महिला सरपंच ममता कोल ने बताया कि मूल्यांकन नहीं होने और राशि ग्राम पंचायत को भुगतान नहीं होने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान हो चुकी है


निम्न गुणवत्ता का किया कार्य, जिला पंचायत सीईओ ने टर्मिनेशन के दिए थे निर्देश 

मालूम रहे कि जिला पंचायत जबलपुर की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सलोनी सिडाना 23 मार्च को मार्च के जनपद पंचायत सिहोरा की ग्राम पंचायतों के निर्माण कार्यो का निरीक्षण करने पहुंची थी। ग्राम पंचायत गांधीग्राम में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की निम्न गुणवत्ता को लेकर उन्होंने उपयंत्री पंकज श्रीवास्तव को जमकर फटकार लगाते हुए उनकी संविदा की सेवाएं समाप्त करने के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया था। संबंधित उपयंत्री के अंडर में सुलुआ, झांसी, रानीताल, धरमपुरा, पोंडी कला, गांधीग्राम, देवनगर, हृदय नगर, खजरी ग्राम पंचायत आती हैं। सूत्रों की मानें तो अगर इन ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों की सही तरीके से जांच की जाए घटिया और निम्न गुणवत्ता के कार्यों की लंबी फेहरिस्त मिलेगी।

इनका कहना


महिला सरपंच मेरे पास तैयार हो चुकी गौशाला के मूल्यांकन के लिए आई थी। संबंधित उपयंत्री को गौशाला का मूल्यांकन करने के लिए निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद उन्होंने मूल्यांकन नहीं किया जिसके बाद उन्हें शो कॉज नोटिस भी जारी किया गया। 


आशा देवी पटले, सीईओ जनपद पंचायत सिहोरा