सिहोरा ढाई सौ रुपए उठाना शिक्षक को पड़ गया भारी

ढाई सौ रुपए उठाना शिक्षक को पड़ गया भारी
मोटरसाइकिल की सीट पर रखा ढाई लाख रुपयों से भरा बैग लेकर रफू चक्कर हुए युवक


सिहोरा थाना अंतर्गत एसबीआई बैंक के सामने दोपहर की वारदात

सिहोरा

सिहोरा एसबीआई बैंक के सामने सोमवार दोपहर एक शिक्षक की मोटरसाइकिल की सीट पर ढाई लाख रुपए से भरा बैग लेकर युवक रफूचक्कर हो गए। चोरी कि इस वारदात के बाद हड़कंप मच गया। बैंक के पास खड़े लोगों ने युवक की खोजबीन की लेकिन युवक का कोई पता नहीं चला। चोरी की इस बड़ी वारदात की खबर लगते ही घटनास्थल पर सिहोरा पुलिस पहुंची, लेकिन देर शाम तक रुपए चोरी करने वाले आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। शिक्षक की शिकायत पर पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। 

 ये है पूरा मामला

पुलिस से हासिल जानकारी के मुताबिक राजकुमार यादव (55) मोहसाम में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हाल निवास गंजताल है। सोमवार दोपहर करीब 3:00 बजे के लगभग अपनी मोटरसाइकिल से स्टेट बैंक सिहोरा ब्रांच में रुपए निकालने पहुंचे थे। उन्होंने अपने खाते से करीब ढाई लाख रुपए निकालें। काले रंग के बैग में रूपी रखकर बैंक से बाहर अपनी मोटरसाइकिल के पास पहुंचे।

250 रुपए उठाना पड़ा महंगा, रुपयों से भरा बैग लेकर गायब हुआ युवक

अपनी मोटरसाइकिल पर शिक्षक ने रुपयों से भरा बैग मोटरसाइकिल की सीट पर रखा। इतने में मास्क पहने एक युवक ने शिक्षक से कहा कि आपके रुपए गिर गए हैं। शिक्षक मोटरसाइकिल से उतरकर रुपए उठाने लगा। जैसे ही पलट कर शिक्षक ने देखा तो मोटरसाइकिल की सीट पर रखा रुपयों से भरा बैग गायब था। उन्होंने इसकी जानकारी तुरंत आसपास के लोगों को दी, लेकिन संबंधित युवक मौके से नदारद था।

सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, मोटा सा बताया जा रहा है युवक

चोरी की इस बड़ी वारदात की सूचना तत्काल सिहोरा थाना पुलिस को दी गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। लेकिन सीसीटीवी फुटेज में युवक कहीं दिखाई नहीं दे रहा था। पुलिस की टीम ने आसपास की क्षेत्र में युवक की खोजबीन की लेकिन उसका कहीं सुराग नहीं लगा। 



एसबीआई ब्रांच में शिक्षक की मोटरसाइकिल की सीट में रखे करीब ढाई लाख रुपये अज्ञात चोर चोरी करके ले गए। शिक्षक के बताए हुलिए और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर युवक की खोजबीन की जा रही है। शिकायत पर धारा 379 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। 


गिरीश धुर्वे, टीआई सिहोरा
Previous Post Next Post