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निजी चिकित्सालयों- नर्सिंग होम पर कभी भी हो सकती है कार्रवाई

निजी चिकित्सालयों- नर्सिंग होम पर कभी भी हो सकती है कार्रवाई
जिला स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जारी किए आदेश

सिहोरा में आधा दर्जन निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम बिना एनओसी और प्रोटोकॉल के हो रहे थे संचालित 

सिहोरा

सिहोरा में बिना प्रोटोकॉल एनओसी के संचालित होने वाले निजी चिकित्सालयों- नर्सिंग होम के खिलाफ जल्द ही बड़ी कार्रवाई होना तय हो गया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा नर्सिंग होम की जांच के दौरान मिली गड़बड़ी की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को भेज दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने संबंधित टीम को संबंधित निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए गए। किसी भी दिन स्वास्थ्य विभाग की टीम निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम को सील करने की कार्रवाई कर सकती है। 


ये है पूरा मामला

सिहोरा में निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम के खिलाफ शिकायतें मिल रही थी कि  बिना एनओसी प्रोटोकॉल के अलावा अप्रशिक्षित स्टाफ और बिना एमबीबीएस ड्यूटी डॉक्टर के इनका संचालन हो रहा है। शिकायत मिलने पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी केके वर्मा, ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ दीपक गायकवाड 22 फरवरी को सिहोरा-खितौला में संचालित श्रीयम क्लिनिक, उमा क्लीनिक, संजीवनी हॉस्पिटल, इंदिरा पॉलीक्लिनिक एवं डायग्नोस्टिक सेंटर तथा असाटी क्लीनिक की जांच की थी। जांच में यह बात सामने आई कि हॉस्पिटल-क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन और एनओसी नहीं था। मेडिकल स्टोर्स का विधिवत संचालन भी नहीं पाया गया। अप्रशिक्षित स्टाफ और बिना एमबीबीएस डॉक्टर कहीं भी अता पता नहीं था। वही बायोबेस्ड के उचित प्रबंधन जैसी अनियमितता मिली थी। 


इनका कहना

सिहोरा और खितौला में संचालित निजी चिकित्सालय- नर्सिंग होम की जांच के दौरान बहुत ज्यादा अनियमितताएं सामने आई थी। जांच रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा भेजी गई थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित निजी चिकित्सालय और नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश संबंधित टीम को जारी कर दिए गए हैं।

रत्नेश कुररिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जबलपुर