सत्ता के मद में जिला आंदोलन की अनदेखी मंहगी पड़ेगी

सत्ता के मद में जिला आंदोलन की अनदेखी मंहगी पड़ेगी
सिहोरा जिला आंदोलन में समिति की चेतावनी
जिला की मांग पर तेइसवें रविवार भी धरना जारी

सिहोरा

 सिहोरा को जिला बनाने की मांग को लेकर विगत छै माहों से प्रत्येक रविवार धरना प्रदर्शन कर आंदोलन कर रहे लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने चेतावनी दी कि सिहोरा जिला आंदोलन की लगातार अनदेखी सत्तारूढ़ पार्टी का अनुशासन नही बल्कि सत्ता का मद है।समिति ने चेतावनी दी कि सत्ता के मद में चूर होकर जनभावना की अनदेखी सरकार और स्थानीय प्रतिनिधियों को मंहगी पड़ेगी।
      विदित हो कि सिहोरा को जिला बनाने के लिए संघर्षरत समिति ने लगातार सत्तारूढ़ भाजपा सरकार,मुख्यमंत्री, विधायक और स्थानीय संगठन से सिहोरा को जिला बनाने के लिए अनेक माध्यमो से पत्राचार कर रहे है।इतने लंबे आंदोलन के बाद भी आज तक स्थानीय विधायक और संगठन ने मुद्दे से अपनी दूरी बनाई हुई है।समिति ने विधायक सिहोरा से आग्रह किया कि वे 23 मार्च तक चलने वाले विधानसभा सत्र के दौरान समिति के सदस्यों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री से मिल क्षेत्र की जनभावना के अनुरूप जिला की बात रखें।समिति ने जिला बनने तक आंदोलन को भी जारी रखने  का संकल्प दोहराया।
      जिला आंदोलन के धरने में नागेंद्र क़ुररिया,राजभान मिश्रा,गुड्डू कटैहा,अनिल जैन,मानस तिवारी,सियोल जैन,विकास दुबे,रामजी शुक्ला,पन्नालाल,अमित बक्शी,सुशील जैन,नत्थूलाल पटेल,रामकेश यादव,ए के शाही,सुखदेव कौरव,मोहन सोंधिया,अनिल क़ुररिया,शेख इस्माइल,राकेश सिंहसुरेंद्र साहू सहित अनेक सिहोरावासी मौजूद रहे।
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