118 वर्ष पुराने रेलवे हिरण नदी पुल पर पमरे द्वारा रिंगर्डरिंग का कार्य पूर्ण

118 वर्ष पुराने रेलवे हिरण नदी पुल पर पमरे द्वारा रिंगर्डरिंग का कार्य पूर्ण

30 किमी/घंटाके स्थाईगति प्रतिबंध को हटाने से अब मालगाड़ियों की गति मे वृद्धि

सिहोरा 

पश्चिम मध्य रेलवे संरक्षा एवं अनुरक्षण के तहत अधोसंरचना के निर्माण कार्य को गति प्रदान करते हुए तीव्र गति से किया जा रहा है। ट्रेनों को सुरक्षित एवं सुगम परिचालन के लिए निरंतर प्रयासरत रहता है। पमरे के जबलपुर मण्डल में रेलवे पुल हिरण नदी पर रिगर्डरिंग कार्य 16 अप्रैल को किया गया जिसमें 6 घंटे के मेगा ब्लॉक में स्पान क्रमांक 4 को बदल कर अप और डाउन रेल मार्ग पर नए स्पान लगाए गए।

रिगर्डरिंग कार्य पूर्ण करते हुए स्पान क्रमांक 1 एवं 2 को बदला गया था। इसी क्रम में अधोसंरचना के कार्यों को गति प्रदान करते हुए स्पान क्रमांक 3 एवं 5 को 05 फरवरी 2022 को बदल कर दो और स्पान के रिगर्डरिंग कार्य पूर्ण किया गया। इस पुल के डाउन खंड के स्पान वर्ष 1904-05 में लगाए गए थे जिनके बदलने के कार्य का अंतिम चरण का मेगा ब्लॉक सुरक्षा एवं सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। अब वर्तमान में पुल पर में 33.18 मी. के 5 नये ओपन वेब रेलवे पुल हिरण नदी पर इसके गर्डर स्पान हैं।

संरक्षा हुई सुदृढ़

इस कार्य से रेल्वे की संरक्षा सुदृढ़ हुई है, और इस महत्वपूर्ण रिगर्डरिंग कार्य उपरांत जबलपुर कटनी रेलखंड में इस पुल पर मालगाड़ियों हेतुलगे हुए 30 किमी / घंटा के स्थाईगति प्रतिबंध को हटा दिया जाएगा जिससे जबलपुर मंडल के इस रेलखंड की गतिशीलता में सकारात्मक वृद्धिहोगी। अब मालगाड़ियों की गति मे वृद्धि हो जाएगी। जिससे और अधिक मालगाड़ियों का संचालन सुगमता से किया जा सकेगा। रेलवे पुलपर रंगर्डरिंग का पूर्ण होने पर रेलवे ट्रैक कि संरक्षा में वृद्धि होगी।
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