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सिहोरा, खितौला और मझौली-मझगवां की शराब दुकानों से खुलेआम चल रही पैकारी

नई शराबनीति की खुलेआम उड़ रही धज्जियां, ज़िम्मेदार मौन! सिहोरा
सरकारी आदेश में बिल अनिवार्य लेकिन मिलता कहीं नहीं

सिहोरा, खितौला और मझौली-मझगवां की शराब दुकानों से खुलेआम चल रही पैकारी 

सिहोरा 

शिवराज सिंह ने नई नीति में शराब सस्ती कर दी है और शराब दुकानें न बढ़ाने का वादा करके भी एक दुकान में दो दुकानों की अनुमति दे दी है। अब शराब भरपूर मात्रा में अंग्रेज़ी हो या देशी हर गली गांव गांव तक पहुंचाने के भरपूर इंतज़ाम शराब माफियाओ ने अवैध पिकारियों से किया हुआ है, इसमें प्रशासन का भी भरपूर साथ मिल रहा है। ताजा मामला जबलपुर ज़िले की सिहोरा, मझौली तहसील का है। यहां सिहोरा,खितौला, मझगवां,गोसलपुर, मझौली, पोंडा तिराहा स्तिथ अंग्रेज़ी और शराब दुकानों में सरकार द्वारा तय खुदरा मूल्य से ज्यादा में लगातार बेची जा रही है। इसके साथ यह भी इन सभी दुकानों में बिल जो कि अनिवार्य हो चुका है, मांगने पर भी नहीं दिया जाता है ।

शासन प्रशासन हमारा क्या करेगा??

शराब दुकानों के गद्दीदार कह देते है कि जहां शिकायत करना है करो, आबकारी विभाग हमारी जेब से चलता है, शासन प्रशासन कुछ नहीं करेगा। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि शिवराज सिंह चौहान एकतरफ नई शराबनीति लाते है और अवैध जहरीली शराब पर पाबंदी लगाना चाहते है , बिल भी अनिवार्य करने का मक़सद बताया गया कि शराब से किसी की मौत होती है तो ग्राहक को बीमा का फ़ायदा मिल सके।

आदेश में बिल है अनिवार्य, लेकिन मिलता कहीं नहीं...
 आबकारी आयुक्त ने आदेश ज़रूर जारी किए है कि देशी और विदेशी शराब की दुकानों में शराब के साथ बिल देना भी अनिवार्य होगा। लेकिन मिलता किसी भी दुकानों में नहीं। स्थानीय आबकारी विभाग के अधिकारी कर्मचारी कभी इस विषय में ध्यान ही नहीं देते। हर रोज़ दफ़्तर भी नहीं पहुंचते, फ़ील्ड का बहाना मारकर इधर से उधर होते रहते है उन्हें कुछ भी ना करने का भरपूर पैसा मिल जाता है, ऐसा आरोप स्थानीय जनता ने लगाया है

केस 1- बायपास दर्शनी रोड़ सिहोरा में शराब दुकान का मामला

 सिहोरा के गढ़िया मोहल्ला निवासी एक युवक ने नाम न बताते हुए कहा कि देशी शराब प्लेन 57 रूपये लिखा होता है, लेकिन मिलती 100 रूपये में, हमें खुलेआम लूटा जा रहा है।

केस 2-  अरुणामघोष स्टेडियम शराब दुकान का मामला 

कंकाली मोहल्ला निवासी एक युवक ने नाम न बताने की शर्त में कहा कि हमें तो मांगने पर भी बिल नहीं मिलता ऊपर से देशी मसाला 110 रूपये में दे रहे है, जबकि मूल्य इसका 82 रूपये है।

केस 3- मझगवां पेट्रोल पंप में शराब दुकान का मामला

नजदीकी गांव के एक बुजुर्ग ने बताया कि इधर तो न ही बिल मिलता है न ही रेट से शराब देते हैं।

केस 4 - खितौला मोड़ स्तिथ शराब दुकान का मामला

 पहरेवा नाका के एक पढ़े लिखे युवक ने नाम नहीं छापने की शर्त में बताया कि इधर अंग्रेज़ी शराब में हर ब्रांड में 100-150 रूपये का अंतर है, मैंने बिल मांगा तो लड़ने को उतारू है।

अब देखना होगा इस मामले में स्थानीय प्रशासन और आबकारी विभाग के अधिकारी कब जागते है और इन दुकानों पर क्या ठोस कारवाई होगी या फिर यूं ही जनता को लूटने का सिलसिला जारी रहेगा।

क्या कहते है ज़िम्मेदार 
जिन भी शराब दुकानों में तय रेट से ज्यादा देशी और अंग्रेजी मदिरा बेची जा रही है उन पर निश्चित कारवाई की जाएगी। जहां तक बिल बुक की बात है तो ठेके नए हैं बिलबुक छपने गई है। जैसे ही आती है अनिवार्य रूप से बिल सबको मिलेगा।

जिनेन्द्र जैन, आबकारी उपनिरीक्षक सिहोरा वृत्त