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रात भर जल रही नरवाई का धुआँ सुबह तक फैला रहता है।हाइवे पर व आवासीय बस्तियों में धुएँ से हो रही परेशानी।

रात भर जल रही नरवाई का धुआँ सुबह तक फैला रहता है।
हाइवे पर व आवासीय बस्तियों में धुएँ से हो रही परेशानी।

 गांधीग्राम

 वर्तमान समय में गांधीग्राम से सिहोरा व गांधीग्राम से पनागर की ओर राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 पर तथा आवासीय क्षेत्र  की बस्तियों में सुबह 9 बजे तक नरवाई जलाने के धुएँ का प्रदूषण फैला रहता है।दरअसल किसानों द्वारा कार्यवाही के डर से बचने के लिए दिन की जगह रात्रि के समय खेतों की कटाई के बाद नरवाई में आग लगाई जा रही है।किसानों द्वारा रात्रि व अलसुबह खेतों की नरवाई में आग लगाई जा रही है।

हाइवे सड़क व आवासीय बस्तियों में धुआँ

 नरवाई जलाते समय अग्निकांड और हादसों के बाद भी किसान बेरोक-टोक नरवाई जला रहे हैं।  आबादी वाले क्षेत्रों में स्थित खेतों में भी गेहूं की नरवाई जलाई जा रही है। नरवाई जलने से उठा धुआँ आसमान में तो दिखाई देता ही है इसके अलावा  राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 जबलपुर सिहोरा फोरलेन सड़क पर व सड़क किनारे की आवासीय बस्तियों के घरों में भी धुआँ फैला रहता है।  

लोग व राहगीरों को हो रही परेशानी

मुख्य सड़क पर नरवाई जलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले संबंधित विभागों के अफसर इस ओर से उदासीन हैं।जिससे हाइवे पर नियमित रूप से यात्रा करने वाले दुपहिया वाहन चालकों, राहगीरों व आवासीय क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि कृषि अपशिष्ट जलाने से शहरी क्षेत्र में नरवाई जलाने से 'इन हाउस पाल्यूशन' बढ़ रहा है जिससे घरों में रहना मुश्किल हो रहा है।क्षेत्र की महिलाओं का कहना है कि नरवाई जलाने से धुआं घरों में घुसता है, इसके साथ ही इसके कण फेफड़ों में जाते हैं। घर में अंदर तक जले हुए पदार्थ के कण कपड़ों, सोफा व अन्य सामान पर जम जाते हैं। बार-बार सफाई करवानी पड़ती है। खेतों की उर्वरा शक्ति नष्ट हो रही है तथा पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है।  आसपास के संस्थानों में बच्चों और स्टूडेंट्स को स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ बढ़ रही है।
अधिकारीयों से आग्रह है कि रात व सुबह 9 से 10 बजे हाइवे पर निकलकर नरवाई जलने से उठे धुएँ के प्रदूषण का अवलोकन करें साथ ही कार्यवाही करें।