भक्तों की झोली भरती है मां की आराधना सेबड़ी मढ़िया में नवदुर्गा नौ पाषाण प्रतिमाएं

भक्तों की झोली भरती है मां की आराधना से
बड़ी मढ़िया में नवदुर्गा नौ पाषाण प्रतिमाएं
200 साल पुराना मंदिर है चमत्कारों से भरा

सिहोरा

गांधीग्राम के ह्र्दयस्थल में स्थापित लगभग 200 वर्षों पुराना बड़ी मढ़िया नौ  देवी मंदिर है, जिसे गांधीग्राम के ही नायक परिवार ने बनाया था। गांधीग्राम के बुढ़ानसागर तालाब के तल से लगभग 150 फीट ऊँचाई पर स्थित प्रसिद्ध देवी मंदिर लोगों की आस्था व विश्वास का केंद्र है। इस मंदिर में नवदुर्गा की नव विविध स्वरूपों की पाषाण प्रतिमाएं स्थापित  हैं। उन प्रतिमाओं को नवरात्रि के समय स्वर्ण चंद्र आभूषणों से सुसज्जित किया गया है।

 इस मंदिर की मान्यता है कि मां के मंदिर में जो भी भक्त जवारे कलश में जिवारे बुवाई कर कलश को 9 दिवसों तक अभिसिंचित करते हैं व नवरात्रि के अंतिम दिन जवारों को शिरोधार्य कर बुढ़ानसागर तालाब में विसर्जन कर कुछ जवारो को मां के चरणों में चढ़ाता है देवी माँ उसकी समस्त मनोकामनाएं पूरी करती हैं। मन्दिर में  जवारे कलश बोए गये हैं। इस मंदिर में  नवरात्रि में 9 दिनों तक मां की चरणों में जल चढ़ाने वाली भक्तों की झोली मातारानी भर देती है।

चमत्कारों के रूप में विख्यात हैं मां

 बड़ी मढ़िया माता रानी के दरबार में कहा जाता है कि यहां से मां का कृपा प्रसाद भक्तों को उनकी मनोकामना पूर्ण होने के रूप में प्राप्त होता है। मां के अनेक भक्तों के असाध्य रोगों से मुक्ति,महिलाओं को पुत्रवती होने की कामना पूर्ण हुई है। ग्राम के बुजुर्गों का कहना है कि लगभग तीन बार आकाशीय बिजली गिरने के बाद भी मन्दिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है।मन्दिर समिति के नेमचंद असाटी, कमलेश असाटी, सोहनलाल, मोहनलाल, दीना, ब्रजेश, उमेश, मुकेश, लकी, मोंटी, आयुष मंदिर व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं।
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