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है कोई सौगात जो आप सिहोरा के लिए अलग से लाए होलक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का स्थानीय नेताओं पर प्रहार

है कोई सौगात जो आप सिहोरा के लिए अलग से लाए हो
लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति का स्थानीय नेताओं पर प्रहार

सिहोरा ने सिर्फ खोया है पाया कुछ नही
जिला आंदोलन का उन्तीसवां रविवार

सिहोरा

सिहोरा को जिला बनाने का आंदोलन कर रही लक्ष्य जिला सिहोरा आंदोलन समिति ने अपने धरने के उन्तीसवें रविवार अपने तेवर तीखे करते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को चुनोती देते हुए पूँछा कि वे जनता को बताएँ कि 18 वर्षो की लंबी सत्ता के दौरान ऐसी कौन सी सौगात है जो सिहोरा को अलग से प्राप्त हुई है?समिति ने दावा किया कि सिहोरा की जनता को सदैव वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया।ये दुर्भाग्य है कि सिहोरा में सिहोरा के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेताओं का अकाल है।समिति ने सिहोरा के सम्मान और हक जिला सिहोरा के लिए सभी जनप्रतिनिधियों और सिहोरावासियों को आगे आने का आह्वान करते हुए चेतावनी दी कि आगामी 17 मई को विशाल रैली निकाली जाएगी।

ज्ञापन सप्ताह और घर घर आमंत्रण पत्र

 सिहोरा जिले की मांग पर अपनी 17 मई की घोषित रैली के संबंध में समिति ने निर्णय लिया कि 25 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ज्ञापन एवं आमंत्रण सप्ताह की योजना बनाई गई है।आगामी एक सप्ताह के दौरान समिति द्वारा सिहोरा के सभी पार्टी के राजनेताओं को ज्ञापन दिया जाएगा जिसमें समर्थन देने का आग्रह किया जाएगा।17 मई की रैली में प्रत्येक सिहोरावासी की सहभागिता के लिए घर-घर आमंत्रण पत्र भी भेजा जाएगा।

ब्राह्मण समाज द्वारा समर्थन का ऐलान

 जब समिति का 29 वां धरना चल रहा था तभी ब्राह्मण समाज सिहोरा के संरक्षक नंद कुमार परौहा,अश्विनी पाठक,अध्यक्ष राकेश पाठक अन्य सदस्यों सहित धरना स्थल पर पहुँचे और घोषणा की कि संपूर्ण ब्राह्मण समाज आंदोलन का समर्थन करता है और पूरे संख्या बल के साथ रैली में शामिल होगा।
         धरने में अनिल जैन,सियोल जैन,ए के शाही, लाल प्रताप तिवारी,रामलाल साहू,सुशील जैन,विकास दुबे,एच डी बड़गैया, नेतराम दाहिया,विकास दुबे,विष्णु दत्त गौतम,सुरेंद्र तिवारी,राजभान मिश्रा,अमित बक्शी,नत्थू पटेल,गुड्डू कटैहा, कृष्ण कुमार कुरारिया,निक्की दुबे सहित अनेक सिहोरावासियों की उपस्थिति रही।