बिजली की आंख मिचौली से उड़द-मूंग की फसल सूखने की कगार पर

बिजली की आंख मिचौली से उड़द-मूंग की फसल सूखने की कगार पर
मझौली तहसील में पर्याप्त बिजली की उपलब्धता न होने के कारण का अन्नदाता अपनी ही फसल को बचाने के लिए असहाय एवं मजबूर

बिजली विभाग के अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान

मझौली

देश का अन्नदाता कड़ी धूप में अथाह परिश्रम करके अपने खेत में फसल पैदा करता है, ताकि वह लोगों को पेट भरने के लिए अनाज उपलब्ध करा सके। हमेशा से सुनते आ रहे हैं किसान हमारा अन्नदाता है और हम किसान की आय को दुगनी करना चाहते हैं, परंतु वास्तविकता से परे आज के समय में सबसे ज्यादा यदि कोई परेशान है तो वह देश का किसान चाहे वह खाद की उपलब्धता हो या बिजली की उपलब्धता हो हमेशा से किसान इन दोनों ही चीजों के लिए परेशान होता रहा है, परंतु चीज उसकी समस्या का समाधान आजादी के इतने वर्षों के बाद भी नहीं हो पाया है।

मझौली तहसील में गर्मी की प्रमुख फसल मूंग और उड़द किसानों ने अपने खेतों में बोई है। शासन प्रशासन के द्वारा दावे किए जाते हैं कि हम निर्बाध 10 घंटे बिजली किसानों को उपलब्ध करा रहे हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि आज के समय में किसानों को मात्र 2 से 3 घंटे ही बिजली उपलब्ध हो पा रही है।लगातार वोल्टेज की समस्या भी बनी हुई है जिससे कि कृषि पंप चालू नहीं हो पा रहे हैं और इसके बावजूद 10 घंटे बिजली देने का वादा भी शासन प्रशासन के द्वारा किया जा रहा है वह भी पूरा नही किया जा रहा है ऐसी परिस्थिति में किसान के द्वारा बोई गई अपने खेत में उड़द व मूंग की फसल सूखने के कगार पर है। जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं किसके द्वारा इतनी मेहनत परिश्रम करके अपनी मेहनत का पैसा उड़द एवं मूंग की फसल में लगाया है कहीं वह व्यर्थ ना चला जाए।

न पर्याप्त बिजली और न ही वोल्टेज

 विद्युत विभाग के द्वारा लगातार यह कहा जा रहा है कि कोयले की कमी के कारण वोल्टेज बढ़ने के कारण हम बिजली उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं, लेकिन इससे किसानों की समस्या का हल नहीं हो रहा है न ही किसानों को सिंचाई करने के लिए नक ही अच्छा वोल्टेज मिल पा रहा है ना ही अपनी अपनी फसल को बचाने के लिए पर्याप्त मात्रा में बिजली मिल पा रही है। क्या देश का अन्नदाता ही ऐसे ही परेशान होता रहेगा और यह समस्या आज की नहीं है यह लगातार कई वर्षों से समस्या चली आ रही है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
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